रूस की युवा टेनिस खिलाड़ी Mirra Andreeva ने फ्रेंच ओपन 2026 के महिला एकल सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए यूक्रेन की Marta Kostyuk को 6-1, 6-3 से हराया. इस जीत के साथ आंद्रीवा ने अपने करियर में पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम फाइनल में जगह बनाई.
आंद्रीवा ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और पहले ही मैच प्वाइंट पर जीत दर्ज कर ली. इस जीत के साथ वह अपने करियर के सबसे बड़े मुकाबले तक पहुंच गई हैं.
हालांकि, मैच के बाद खेल से ज्यादा चर्चा खिलाड़ियों के व्यवहार की रही। मुकाबला समाप्त होने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया. कोस्तयुक सीधे कोर्ट से बाहर चली गईं. जाते समय उन्होंने दर्शकों का अभिवादन किया और उनकी ओर हाथ हिलाया.
मैच से पहले भी दोनों खिलाड़ियों के बीच दूरी साफ नजर आई. फोटो सेशन के दौरान दोनों ने अलग-अलग तस्वीरें खिंचवाईं. आमतौर पर खिलाड़ी नेट के पास एक साथ खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ.
दरअसल, रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से मार्टा कोस्तयुक लगातार रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार करती रही हैं. उनका मानना है कि यह उनके देश के प्रति समर्थन और एकजुटता दिखाने का एक तरीका है.
इस सीजन के मैड्रिड ओपन फाइनल में भी कोस्तयुक और आंद्रीवा आमने-सामने थीं. तब भी मुकाबले के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक नहीं हुआ था. फ्रेंच ओपन में भी वही दृश्य एक बार फिर देखने को मिला.
टेनिस में हाथ मिलाना खेल भावना और आपसी सम्मान का प्रतीक माना जाता है, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कई मुकाबलों में यह परंपरा टूटती नजर आई है. कोस्तयुक अपने रुख पर अब भी कायम हैं, जबकि मीरा आंद्रीवा पहली बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में पहुंचकर सुर्खियां बटोर रही हैं.
