फीफा वर्ल्ड कप में आज फ्रांस के अटैक और क्रोएशिया के डिफेंस के बीच खिताब के लिए आखिरी लड़ाई लड़ी जानी है. फाइनल मुकाबले में जहां एक बार की चैंपियन फ्रांस को मजबूत दावेदार माना जा रहा है, तो वहीं क्रोएशिया की टीम भी खिताब अपने नाम करके सबको चौंकाने का दम रखती है.

दोनों टीमों की खूबियां

फ्रांस: पूरे वर्ल्ड कप के दौरान फ्रांस का अटैक और डिफेंस शानदार रहा है. वर्ल्ड कप में फ्रांस के लिए जहां ग्रीजमैन और एम्बाप्पे ने तीन-तीन गोल किए हैं, वहीं वराने उमतीती ने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले में गोल करके टीम को जीत दिलाई है. बात अगर टीम के गोलकीपर हुगो लोरिस की करें तो उन्होंने उरुग्वे और बेल्जियम की मजबूत टीमों को गोल करने का एक भी मौका नहीं दिया. इतना ही नहीं लोरिस ने टीम के खिलाफ बने गोल के पिछले 7 में से 6 मौकों को सेव किया है.

क्रोएशिया: पूरे वर्ल्ड कप के दौरान क्रोएशिया के मिडफील्ड ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. क्रोएशिया के मिडफील्ड ने न सिर्फ डिफेंस के जरिए विरोधी टीम को रोकने का काम किया है, बल्कि मिडफील्ड की कमान संभालने वाले लुका मोड्रिक और इवान ने अपनी टीम के लिए तीन गोल भी किए हैं. वर्ल्ड कप के दौरान क्रोएशिया के कोच ने मोड्रिक को अटैकर की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी भी दी, जो कि कामयाब रही. मोड्रिक की बॉल पर दोनों पैरों से पकड़ फ्रांस की टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकती है. इस वर्ल्ड कप के दौरान कुछ ही खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जो कि बॉल को फॉरवर्ड और साइडवे,  दोनों तरफ पास कर पाए हैं.

दोनों टीमों की कमजोरियां

फ्रांस: इस वर्ल्ड कप में वैसे तो फ्रांस का सफर शानदार रहा है. बात चाहे गोल करने की हो, या फिर टीम को गोल खाने से बचाने की, फ्रांस ने उम्दा खेल का प्रदर्शन किया है. इतना ही नहीं यह टीम मुकाबले में पिछड़ने के बाद भी मजबूती के साथ वापसी करने में कामयाब रही है. पूरे वर्ल्ड कप के दौरान सिर्फ 9 मिनट का समय ही ऐसा रहा है जब फ्रांस की टीम विरोधी टीम से पिछड़ी है.

क्रोएशिया: मोड्रिक की टीम की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वह अपने पिछले तीनों मुकाबले रेगुलर टाइम में नहीं जीत पाए हैं. राउंड 16 और क्वार्टर फाइनल में जहां क्रोएशिया को पेनल्टी कॉर्नर से जीत मिली, तो वहीं सेमीफाइनल में इंग्लैंड को अतिरिक्त समय में मात दी. फ्रांस की युवा टीम इस मामले में क्रोएशिया पर भारी है. फ्रांस ने अपने सभी मैच तय समय में ही जीते हैं.

दोनों टीमों के लिए खतरा और मौके

फ्रांस: क्रोएशिया के कप्तान मोड्रिक ही फ्रांस के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं. मोड्रिक की खूबी है कि वह अपने प्लेयर्स की तरफ बिना देखे ही उनकी पोजिशन को जान जाते हैं. वह ना सिर्फ गोल करने के मामले में, बल्कि टीम के लिए मौके बनाने में भी फ्रांस पर भारी पड़ सकते हैं.

वहीं फ्रांस अपने युवा खिलाड़ियों का फायदा उठाना चाहेगी. खेल की शुरुआत में फ्रांस गोल करने के मौके बनाने की क्षमता रखती है. अगर फ्रांस शुरुआत में ही गोल करने में कामयाब हो जाती है तो वहां से क्रोएशिया के लिए मैच में वापस आना मुश्किल हो जाएगा.

क्रोएशिया: टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती ग्रीजमैन और एम्बाप्पे को रोकना ही है. जहां एम्बाप्पे तेज स्पीड के साथ बॉल को हिट करते हैं, वहीं ग्रीजमैन को सही निशाने लगाने में महारत है.

वर्ल्ड कप में फ्रांस ने हर डिपॉर्टमेंट में शानदार खेल खेला है. फ्रांस के खिलाफ गोल करना भी क्रोएशिया के लिए बड़ी चुनौती होगी. अगर क्रोएशिया ऐसा करने में कामयाब होता है तो वह एक बड़ा उलटफेर कर सकता है.