FIFA World Cup 2026 Prize Money:फीफा वर्ल्ड कप 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है. पहली बार 48 टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है. इस बार इनामी राशि भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. पहले कुल प्राइज पूल 727 मिलियन डॉलर तय किया गया था, लेकिन अप्रैल में फीफा ने तैयारी अनुदान और भागीदारी राशि बढ़ाते हुए इसे 871 मिलियन डॉलर कर दिया.
चैंपियन टीम पर होगी पैसों की बारिश
वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को 51 मिलियन डॉलर (करीब 433 करोड़ रुपये) मिलेंगे. वहीं उपविजेता को 34 मिलियन डॉलर (करीब 289 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिलेगी. तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 30 मिलियन डॉलर (करीब 255 करोड़ रुपये), जबकि चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को 28 मिलियन डॉलर (करीब 238 करोड़ रुपये) दिए जाएंगे.
नॉकआउट तक पहुंचने पर भी मोटा इनाम
क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली टीमों (5वें से 8वें स्थान) को 20 मिलियन डॉलर (करीब 170 करोड़ रुपये) मिलेंगे. राउंड ऑफ-16 में बाहर होने वाली टीमों (9वें से 16वें स्थान) को 16 मिलियन डॉलर (करीब 136 करोड़ रुपये) दिए जाएंगे. ग्रुप स्टेज में 17वें से 32वें स्थान पर रहने वाली टीमों को 12 मिलियन डॉलर (करीब 102 करोड़ रुपये), जबकि 33वें से 48वें स्थान पर रहने वाली टीमों को 10 मिलियन डॉलर (करीब 85 करोड़ रुपये) मिलेंगे.
हर टीम को मिलेगी गारंटीड रकम
फीफा ने प्रदर्शन आधारित इनामी राशि के अलावा 168 मिलियन डॉलर अलग से सभी 48 टीमों के लिए रखे हैं. हर टीम को 2.5 मिलियन डॉलर का प्रिपरेशन ग्रांट मिलेगा, जिससे ट्रेनिंग कैंप, यात्रा और अन्य तैयारियों का खर्च उठाया जा सकेगा. इसके अलावा टीमों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जिससे प्रशासनिक खर्च, खिलाड़ियों और अधिकारियों के यात्रा प्रबंधन तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में मदद मिलेगी. इस व्यवस्था के तहत वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाली हर टीम को कम से कम 12.5 मिलियन डॉलर (करीब 106 करोड़ रुपये) की गारंटीड राशि मिलेगी, चाहे उसका प्रदर्शन कैसा भी रहे.
इतिहास का सबसे बड़ा प्राइज पूल
48 टीमों वाले नए प्रारूप और 871 मिलियन डॉलर की रिकॉर्ड इनामी राशि के साथ फीफा वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा कमाई वाला संस्करण बनने जा रहा है. खिलाड़ियों के साथ-साथ सभी भाग लेने वाले देशों को भी इस बार पहले से कहीं अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा.
