Fifa World Cup 2026: फुटबॉल में नस्लवाद की कोई जगह नहीं, एम्बाप्पे विवाद पर फीफा अध्यक्ष का बड़ा बयान
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कीलीयन एम्बाप्पे पर की गई नस्लीय टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए साफ कहा कि फुटबॉल में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है.

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने किलियन एम्बाप्पे पर की गई नस्लीय टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए साफ कहा कि फुटबॉल में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है और वह एम्बाप्पे के समर्थन में खुलकर सामने आए. यह विवाद तब शुरू हुआ, जब पराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिया ने सोशल मीडिया पर एम्बाप्पे को लेकर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां कीं. वह पोस्ट काफी ज्यादा वायरल हुआ. पोस्ट के वायरल होते ही उसकी व्यापक आलोचना हुई. इसके बाद कई संगठनों और खिलाड़ियों ने मिलकर एम्बाप्पे के समर्थन में आवाज उठाई.
इन्फेंटिनो ने कहा, "हम किलियन एम्बाप्पे के खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणियों की पूरी तरह निंदा करते हैं. फीफा हर खिलाड़ी के सम्मान, समानता और गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है."
वहीं, एम्बाप्पे ने भी इस नस्लीय हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ऐसी टिप्पणियों को "घृणित" करार दिया. दूसरी तरफ, फ्रेंच फुटबॉल महासंघ ने कानूनी कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की है.
बता दें कि फ्रांस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी एम्बाप्पे का समर्थन किया, जबकि पराग्वे सरकार ने सीनेटर की टिप्पणियों से खुद को अलग करते हुए उनकी आलोचना की. सीनेटर अमारिया के बयान पर पराग्वे सरकार ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है और सरकार इस तरह की टिप्पणियों का समर्थन नहीं करती.
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सीनेटर अमारिया की टिप्पणियां मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की इज्जत करने और इंसान के सम्मान के खिलाफ हैं, जबकि पराग्वे की नीतियां और मूल्य इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित हैं. यह कोई साधारण मामला नहीं है, बल्कि खेल जगत में नस्लवाद जैसे गंभीर मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है. अब यह मामला सभी लोगों की नजर में है. लोगों का ध्यान इस बात पर रहेगा कि आखिर फीफा, फ्रेंच फुटबॉल महासंघ और संबंधित सरकारें इस मामले में कितनी सख्त कार्रवाई करती हैं.
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