'फुटबॉल क्लब चलाना कठिन...', बेंगलुरु एफसी ने उठाया बड़ा कदम, सुनील छेत्री को भी नहीं मिलेगी सैलरी; जानिए पूरा मामला
ISL Club Bengaluru FC Suspending Salaries Of Players: कप्तान सुनील छेत्री समेत बेंगलुरु एफसी ने अपने सभी खिलाड़ियों की सैलरी रोकने का कठिन फैसला किया है. क्लब ने इसको लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया.

इंडियन सुपर लीग क्लब बेंगलुरु एफसी ने एक मुश्किल फैसला लेते हुए सुनील छेत्री समेत अपने सभी प्लेयर्स की सैलरी को रोक दिया है. क्लब ने इसको लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया और बताया कि वह खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को कुछ समय के लिए सैलरी नहीं देंगे. क्लब ने एआईएफएफ और एफएसडीएल से गतिरोध को जल्द से जल्द खत्म करने का आग्रह करते हुआ कहा कि भारतीय फुटबॉल के भविष्य के लिए इसका शीघ्र समाधान बेहद ज़रूरी है.
बेंगलुरु एफसी ने अपने बयान में कहा, "इंडियन सुपर लीग सीज़न के भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए, बेंगलुरु फुटबॉल क्लब ने प्रथम टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सैलरी को अनिश्चित काल के लिए निलंबित करने का एक बेहद कठिन फैसला किया है. भारत में एक फुटबॉल क्लब को चलाना और उसे बनाए रखना हमेशा से एक कठिन काम रहा है, जिसे हमने हर सीज़न में पूरा किया है. हालांकि, लीग के भविष्य को लेकर स्पष्टता की कमी के कारण हमारे पास यह कदम उठाने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं था. हमारे प्लेयर्स, सपोर्ट स्टाफ और उनके परिवारों का भविष्य और कल्याण हमारे लिए सबसे जरुरी है, और हम समाधान की प्रतीक्षा में उनके संपर्क में हैं."
क्लब ने अपने बयान में बताया कि इससे बीएफसी सॉकर स्कूल में खेलने वाले प्लेयर्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा, "क्लब अपनी युवा टीमों (पुरुष और महिला) के साथ खेल और अपने संचालन को बढ़ाने और विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, और बीएफसी सॉकर स्कूल इस निर्णय से अप्रभावित रहेंगे."
— Bengaluru FC (@bengalurufc) August 4, 2025
बेंगलुरु एफसी ने क्यों रोकी सुनील छेत्री और सभी प्लेयर्स की सैलरी?
एआईएफएफ और फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड के बीच मतभेदों के कारण यह स्थिति बनी है. क्लब ने आगे कहा, "हम एआईएफएफ (ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन) और एफएसडीएल (फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड) से आग्रह करते हैं कि वे इस गतिरोध को जल्द से जल्द खत्म करें. इस अनिश्चितता से किसी को कोई फायदा नहीं है, और भारतीय फुटबॉल के भविष्य के लिए इसका शीघ्र समाधान बेहद ज़रूरी है.
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Source: IOCL

























