मैदान पर मिस्र के मुख्य कोच होसाम हसन ने किया 'X' का इशारा, क्या होता है फीफा विश्वकप में इसका मतलब
राउंड ऑफ 16 मुकाबले में एक खास इशारे के बाद एंटी रेसिज्म प्रोटोकॉल लागू होने की उम्मीद थी. लेकिन रेफरी ने खेल नहीं रोका और कोच को ही येलो कार्ड दिखा दिया. इसके बाद फैसले पर बहस तेज हो गई.

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेला गया मुकाबला सिर्फ रोमांचक होने की वजह से नहीं, बल्कि एक बड़े विवाद के कारण भी चर्चा में आ गया. मैच के दौरान मैदान पर किया गया एक खास इशारा पूरी दुनिया में बहस का विषय बन गया. इसके बाद रेफरी के फैसले और FIFA के एंटी रेसिज्म प्रोटोकॉल पर सवाल उठने लगे.
पूरा मामला क्या है
अटलांटा में खेले गए इस मुकाबले में मिस्र की टीम ने शानदार शुरुआत की और पहले 2 गोल करके अर्जेंटीना पर दबाव बना दिया. यासर इब्राहिम ने पहला गोल किया. इसके बाद मोस्तफा जिको ने बढ़त को 2-0 कर दिया.
अर्जेंटीना के बाहर होने का खतरा बढ़ता दिख रहा था, लेकिन क्रिस्टियन रोमेरो ने टीम को वापसी दिलाई. इसके बाद लियोनेल मेसी ने बराबरी का गोल दाग दिया. फिर स्टॉपेज टाइम के 93वें मिनट में एंजो फर्नांडीज ने हेडर से विजयी गोल कर मैच पलट दिया.
X इशारे के बाद क्यों बढ़ा विवाद
मैच के दौरान मिस्र के मुख्य कोच होसाम हसन ने टचलाइन से दोनों हाथों को क्रॉस कर X का संकेत बनाया. यह FIFA का आधिकारिक एंटी रेसिज्म संकेत माना जाता है. इसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब किसी खिलाड़ी, कोच या टीम अधिकारी को मैदान पर नस्लीय टिप्पणी या नस्लीय दुर्व्यवहार की शिकायत करनी हो.
मिस्र की उम्मीद थी कि रेफरी FIFA के तय प्रोटोकॉल के अनुसार खेल रोकेंगे और मामले की जांच करेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. रेफरी ने प्रोटोकॉल लागू करने के बजाय होसाम हसन को ही येलो कार्ड दिखा दिया और मुकाबला जारी रखा. इसी फैसले के बाद विवाद और तेज हो गया.
FIFA का X सिग्नल क्या होता है
FIFA ने नस्लीय घटनाओं से निपटने के लिए तीन स्तर का एंटी रेसिज्म प्रोटोकॉल बनाया है. जब कोई खिलाड़ी, कोच या अधिकारी X का संकेत देता है तो इसका मतलब होता है कि मैदान पर नस्लीय दुर्व्यवहार की शिकायत की जा रही है.
ऐसी स्थिति में पहला कदम मैच को रोकना होता है. अगर घटना जारी रहती है तो मुकाबला कुछ समय के लिए निलंबित किया जा सकता है. हालात नहीं सुधरने पर मैच को रद्द करने का भी प्रावधान है.
पेनल्टी को लेकर भी उठे सवाल
सबसे ज्यादा बहस अर्जेंटीना के विजयी गोल से ठीक पहले हुई. मिस्र का दावा था कि मोहम्मद सालाह पेनल्टी बॉक्स के अंदर जूलियन अल्वारेज के संपर्क के बाद गिर गए थे और उन्हें पेनल्टी मिलनी चाहिए थी.
हालांकि रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर ने खेल जारी रखा. वीडियो असिस्टेंट रेफरी ने भी दखल नहीं दिया. इस फैसले से मिस्र के खिलाड़ी और टीम प्रबंधन नाराज दिखाई दिए.
कोच ने क्या आरोप लगाए
मैच के बाद होसाम हसन ने रेफरी के फैसलों पर सवाल उठाए. उन्होंने FIFA पर अर्जेंटीना और लियोनेल मेसी के पक्ष में फैसला होने का आरोप भी लगाया. हालांकि अब तक ऐसे किसी भी आरोप के समर्थन में कोई आधिकारिक सबूत सामने नहीं आया है.
यह मुकाबला शानदार फुटबॉल के साथ साथ विवादों के कारण भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा. X सिग्नल को लेकर हुई घटना ने एक बार फिर FIFA के एंटी रेसिज्म प्रोटोकॉल के पालन और रेफरी के फैसलों पर नई बहस शुरू कर दी है. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि इस मामले पर FIFA आगे क्या कदम उठाता है.
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