सारा टेलर अब इंग्लैंड की सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम के साथ काम करने वाली पहली महिला कोच बनने जा रही हैं. उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए शॉर्ट-टर्म फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है. यह फैसला केवल इंग्लैंड क्रिकेट के लिए ही नहीं. बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट के लिए एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है. सारा टेलर को दुनिया की बेहतरीन विकेटकीपर्स में गिना जाता है. उन्होंने अपने करियर में शानदार प्रदर्शन से लाखों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता. अब वही अनुभव वह इंग्लैंड की पुरुष टीम के खिलाड़ियों के साथ साझा करेंगी. नियमित फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ व्यस्त हैं. जिसके कारण यह जिम्मेदारी सारा टेलर को सौंपी गई है.
कोचिंग करियर में नया मुकाम
सारा टेलर इससे पहले भी कई टीमों के साथ कोचिंग कर चुकी हैं. उन्होंने ससेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब और मैनचेस्टर ओरिजिनल्स जैसी टीमों के साथ काम किया है. इसके अलावा इंग्लैंड लायंस टीम के साथ भी उन्होंने पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई थी. उनके अनुभव और क्रिकेट की गहरी समझ को देखते हुए इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन पर भरोसा जताया है.
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एशेज के बाद बदली रणनीति
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में इंग्लैंड की खराब फील्डिंग टीम के लिए बड़ी समस्या बनी थी. खिलाड़ियों ने कई आसान कैच छोड़े. जिसका असर मैच के नतीजों पर भी पड़ा. टीम की लगातार आलोचना हो रही थी कि बिना मजबूत फील्डिंग रणनीति के मैदान में उतरना भारी पड़ रहा है. इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने फील्डिंग विभाग को और मजबूत करने का फैसला किया. सारा टेलर की नियुक्ति उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि विकेटकीपिंग और फील्डिंग में उनकी विशेषज्ञता खिलाड़ियों को काफी फायदा पहुंचा सकती है.
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शानदार रहा इंटरनेशनल करियर
सारा टेलर ने इंग्लैंड महिला टीम के लिए 13 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला. इस दौरान उन्होंने 226 मैच खेले और कई यादगार पारियां खेलीं. 2017 महिला वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की जीत में भी उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा था. अब एक खिलाड़ी के बाद कोच के रूप में भी वह नई पहचान बनाने के लिए तैयार हैं.
