ऑलराउंडर सैम कर्रन और उनके बड़े भाई टॉम कर्रन इंग्लैंड के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हैं. लेकिन बुधवार (01 अप्रैल) को सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा सामने आया, जिसमें कहा गया कि अब दोनों ही खिलाड़ियों ने आधिकारिक तौर पर जिम्बाब्वे के लिए खेलने की प्रतिबद्धता जताई है.
दोनों के पिता केविन कर्रन जिम्बाब्वे के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी थे. उन्होंने 1983 से 1987 के बीच जिम्बाब्वे के लिए 11 वनडे खेले. वहीं सैम कर्रन से बड़े और टॉम कर्रन से छोटे भाई बेन कर्रन मौजूदा वक्त में जिम्बाब्वे के लिए इंटरेनशनल क्रिकेट खेल रहे हैं. लिहाजा कर्रन का परिवार जिम्बाब्वे क्रिकेट के भी काफी करीब रहा है. तो आइए जानते हैं कि सैम और टॉम कर्रन को लेकर पोस्ट में क्या कहा गया.
वायरल पोस्ट का दावा
सैम कर्रन और टॉम कर्रन को लकेर वायरल हो रही पोस्ट में लिखा गया, "मैं अब इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर सैम और टॉम कर्रन ने आधिकारिक तौर पर जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए खेलने की प्रतिबद्धता जताई है. टॉम कर्रन तुरंत उपलब्ध हैं जबकि सैम को इंग्लैंड से अपने स्विच की पुष्टि के लिए आईसीसी के जरिए कुछ महीनों तक इंतजार करना होगा."
आगे लिखा गया, "भारत और श्रीलंका में जिम्बाब्वे के सफल वर्ल्ड कप प्रदर्शन के बाद पिछले एक महीने से टॉप लेवल की बातचीत चल रही है."
दावे की असल हकीकत
तो आपको बता दें कि फिलहाल यह दावा पूरी तरह से झूठ है, क्योंकि दोनों ही खिलाड़ियों की तरफ से इसको लेकर कोई पोस्ट या बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं गौर करने वाली बात यह भी है कि दोनों ही खिलाड़ी जिम्बाब्वे में पैदा नहीं हुए है, जिसके चलते दोनों तुरंत जिम्बाब्वे के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के योग्य नहीं हो सकते हैं.
अगर किसी व्यक्ति के पास जिम्बाब्वे की जन्मजात नागरिकता नहीं है, तो उसे जिम्बाब्वे क्रिकेट से कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए जिम्बाब्वे में कम से कम चार साल का सामान्य निवास पूरा करना होगा.
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