भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई दिग्गज खिलाड़ियों ने वनडे फॉर्मेट में टीम इंडिया की कमान संभाली है. इनमें कुछ कप्तानों ने अपने नेतृत्व से टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, तो कुछ को अपने कार्यकाल में हार का कड़वा स्वाद सबसे ज्यादा चखना पड़ा. ODI में जहां कुछ कप्तान अपनी रणनीति और शांत स्वभाव के लिए याद किए जाते हैं, वहीं कुछ को मिली हारें आज भी चर्चा का विषय बनी रहती हैं. आइए जानते हैं उन टॉप-5 भारतीय कप्तानों के बारे में जिन्होंने सबसे ज्यादा वनडे मैच गंवाए.

Continues below advertisement

मोहम्मद अजहरुद्दीन

मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे अनुभवी कप्तानों में गिना जाता है. उन्होंने 174 वनडे मैचों में भारत की कप्तानी की, जिसमें 76 में हार और 90 में जीत दर्ज की. 90 के दशक में अजहरुद्दीन की कप्तानी में भारत ने कई यादगार जीत दर्ज की, लेकिन विदेशी धरती पर टीम का प्रदर्शन अस्थिर रहा. उन्होंने टीम को एक नई फिटनेस और फील्डिंग एप्रोच दी. उस दौर में टीम ट्रांजिशन से गुजर रही थी, जिसका असर कई मैचों पर भी नजर आया.

Continues below advertisement

महेंद्र सिंह धोनी 

‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी भले ही भारत के सबसे सफल और वर्ल्ड कप विनिंग कप्तानों में गिने जाते हों, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि 200 वनडे में कप्तानी करते हुए उन्हें 74 मैचों में हार मिली है. लंबे करियर और अधिक मैच खेलने के कारण उनका नाम इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर आता है. 

सौरव गांगुली 

‘दादा’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली का दौर भारतीय क्रिकेट में एग्रेसिव एरा की शुरुआत माना जाता है. उन्होंने भारत के लिए 146 वनडे मैचों में कप्तानी की, जिनमें 65 हार मिली. हालांकि, उनके नेतृत्व में भारत ने विदेशी सरजमीं पर डरना छोड़ दिया और कई यादगार जीतें हासिल की. गांगुली की कप्तानी ने टीम को आत्मविश्वास और आक्रामकता सिखाई.

सचिन तेंदुलकर 

‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर का बतौर बल्लेबाज करियर शानदार रहा, लेकिन कप्तानी के मामले में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा. उन्होंने 73 वनडे मैचों में टीम की कमान संभाली, जिनमें 43 में हार मिली. कप्तानी का बोझ उनके बल्लेबाजी प्रदर्शन को भी प्रभावित करता दिखा.

कपिल देव

भारत को 1983 वर्ल्ड कप दिलाने वाले कपिल देव का नाम भी इस लिस्ट में शुमार है. उन्होंने 74 वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की. इसमें 33 मैचों में हार और 39 में जीत दर्ज की. कपिल की कप्तानी में भारत ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाई, भले ही उनकी हारों की संख्या कुछ अधिक रही हो.