नई दिल्लीः वेस्टइंडीज में जीत दर्ज करने के लिए टीम इंडिया कर रही है अजब-गजब तैय़ारी. तैयारी ऐसी जिससे हर किसी को अपना बचपन याद आ जाए. पकड़म-पकड़ाई...
टीम इंडिया का बचपन...
एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर बीच मैदान ये खिलाड़ी खेलने लगे बच्चों वाला खेल. रोहित, पुजारा और बिन्नी चेन बनाकर अश्विन को पकड़ रहे हैं.
पहले बनी तीन लोगों की चेन. फिर पांच खिलाड़ियों की चेन. इनसे बच कर इधर-उधर भागते नजर आए बाकि खिलाड़ी और देखते ही देखते इस चेन में शामिल हो गए 9 खिलाड़ी और फिर पकड़ा गया दसवां भी.
धीरे-धीरे 11 - 11 लोग एक दुसरे से जुड़ गए. ये चेन कुली की मेन देखन में जितनी अजीब थी टीम इंडिया के लिए उतनी ही मजेदार.
कुछ इस तरह से टीम इंडिया वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को घेरने की तैयारी में है. इस खेल का मकसद सिर्फ मस्ती मजाक ही नहीं है.
बल्कि ये टीम बाउंडेशन का एक नायाब तरीका है. पकड़म-पकड़ाई के इस खेल में खिलाड़ी ना सिर्फ एक साथ हैं बल्कि एक टीम बनाकर आगे बढ़ रहे हैं.
इसमें कोई एक खिलाडी अलग रास्ते पर नहीं जा सकता. अगर सामने वाले को घेरना है तो साथ ही चलना होगा और यही है इस खेल का मकसद. साथ रहो, साथ चलो और साथ ही घेरो अपने दुश्मन को.
प्रैक्टिस मैच के बाद टीम इंडिया ने अपने आप को रिलैक्स करने के लिए पकड़म-पकड़ाई का ये खेल खेला. कोच कुंबले की मौजूदगी में टीम इंडिया आज कल बाउंडिंग सेशन में कुछ अलग कर रही है. कभी वो समनदर में डाइव करते हैं. कभी ड्रम बजाते हैं तो कभी बचपन में चले जाते हैं.
इन सब का असर टीम पर भी साफ नजर आ रहा है. टीम में खिलाड़ी ज्यादा रिलैक्सड नजर आते हैं और मैदान पर वो अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं. अभ्यास मैच में अबतक टीम इंडिया ने शानदार खेल दिखाया है.
और यही इस टीम का मकसद भी है. कुंबले चाहते हैं कि खिलाड़ी सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि टीम के लिए खेलें क्योंकि मैच सिर्फ एक खिलाड़ी के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि टीम के एकजुट होकर खेलने से जीती जाती है.
21 जुलाई से भारत वेस्टइंडीज के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज करेगी.