भारत के 2026 टी20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एबीपी न्यूज से खास बातचीत की. उन्होंने अपनी बात की शुरुआत करते हुए सबसे पहले एबीपी के पिछले इंटरव्यू को 'लकी' बताया. इसके अलावा सूर्या ने 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बने संजू सैमसन पर बड़ा राज खोलते हुए बताया कि कैसे एक वक्त पर बेंच पर बैठने वाले संजू की प्लेइंग 11 में एंट्री हुई और फिर उन्होंने एतिहासिक पारियां खेलीं. 

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लकी इंटरव्यू 

सूर्या ने कहा, "मुझे ऐसा लगता है कि हमारा लास्ट जो इंटरव्यू हुआ था, वो थोड़ा लकी हो गया. उस वक्त मैं एशिया कप जीतकर वापस आया था. हम यहीं पर थे और इंटरव्यू अच्छा हुआ था. इस बार वर्ल्ड कप जीतकर आए हैं, अच्छा लग रहा है. उम्मीद करता हूं कि यह इंटरव्यू और लकी हो जाए हमारी मुंबई इंडियंस के लिए क्योंकि वहां भी हमको जीते हुए थोड़ा टाइम हो गया."

वर्ल्ड कप का अनुभव कैसा?

सूर्या ने कहा, "मेरे हिसाब से बहुत अच्छा सफर रहा. जब आप एक आईसीसी इवेंट खेलते हैं, तो हमें थोड़ा अलग ढंग से खेलना होता है. आप द्विपक्षीय की तरह नहीं खेल सकते. जैसे हमारा टूर्नामेंट शुरू हुआ, वैसे चाहिए नहीं था. लेकिन हमने उस टूर्नामेंट से कुछ तो सीखा. बहुत अच्छा लग रहा है कि टूर्नामेंट में कैसे हमारा सफर रहा, बहुत उतार-चढ़ाव आए, लेकिन हम लोग एक टीम के रूप में साथ थे. कभी ये नहीं सोचा कि हम अकेले क्या करना चाहते हैं, हमने हमेशा यह सोचा कि हम एक टीम के तौर पर क्या करना चाहते हैं."

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संजू सैमसन पर क्या बोले सूर्या

संजू सैमसन पर बात करते हुए सूर्या ने कहा, "रणनीति धीरे-धीरे खुद बन जाती है, जैसे-जैसे भगवान रास्ता दिखाता है. संजू सैमसन भी वैसे ही आए, क्योंकि शुरुआत में भी वह नहीं खेल रहे थे. लेकिन बाद में लगा कि उनकी जरूरत पड़ेगी. उनके पास अनुभव है. उस अनुभव की टीम में बहुत जरूरत पड़ेगी. जैसे ही वो टीम में आए उन्होंने एक ही चीज बोली कि जो भी टीम को जरूरत पड़ेगी, मैं करूंगा और उन्होंने करके दिखाया. शुरुआत में वो साथ में नहीं खेल रहे थे, लेकिन जब तीन, चार या पांच मैच के बाद कोई खिलाड़ी 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनता है, तो उसने जरूर कुछ अलग काम किया होगा."

 

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