विराट कोहली पिछले साल हुए चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से एक अलग ही रूप में दिखे हैं. वह अब शुरुआत में ही बड़े शॉट लगाकर तेज गति से रन बना रहे हैं, जो उनके लिए कारगर भी साबित हुआ है. ऑस्ट्रेलिया में शुरूआती मैचों में 2 लगातार डक के बाद मानों विराट कोहली 2016 वाली फॉर्म में लौट आए हों. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2 और न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 2 शतक लगाए. अब लगने लगा है कि कोहली सिर्फ एक फॉर्मेट में खेलने के बावजूद सचिन के सबसे ज्यादा शतकों का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. इस बीच दिग्गज सुनील गावस्कर ने कोहली को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है.

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विराट कोहली टी20 और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं, वह अब सिर्फ भारत के लिए वनडे फॉर्मेट में खेल रहे हैं. कहा जा रहा था कि बीसीसीआई ने अभी कोहली और रोहित की जगह अगले साल होने वाले ओडीआई वर्ल्ड कप के लिए पक्की नहीं की है, हालांकि कोहली जिस फॉर्म में हैं उसको देखकर साफ है कि वह खेलेंगे. इस बीच सुनील गावस्कर ने भविष्यवाणी करते हुए बताया कि कोहली कब तक खेल सकते हैं.

सुनील गावस्कर ने क्या कहा?

दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि विराट कोहली 2027 ओडीआई वर्ल्ड कप तो क्या 2031 वर्ल्ड कप और उसके बाद भी खेलने की दावेदारी पेश कर सकते हैं. उन्होंने तीसरे वनडे के बाद कोहली की फिटनेस की भी तारीफ की.

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इनसाइडस्पोर्ट के अनुसार सुनील गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा, "जब तक विराट कोहली क्रीज पर थे, न्यूजीलैंड पूरे समय नर्वस होगी. वह अकेले थे जो मैच पलट सकते थे. काफी देर तक ऐसा लग रहा था कि वह ऐसा कर भी देंगे. कोहली की पारी शानदार थी. वह काफी जल्दी आए और रास्ते में उनके पांच अलग-अलग जोड़ीदार आउट हो गए. नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा के साथ बाद में उनकी साझेदारी भी महत्वपूर्ण थी."

सुनील गावस्कर ने कहा कि 37 साल की उम्र में भी कोहली की फिटनेस शानदार है. वह विकेटों के बीच अच्छी दौड़ लगाते हैं, इसलिए गावस्कर ने उम्मीद लगाई कि अपने अंदर बची हुई क्रिकेट का कोहली फायदा उठाएंगे और 2032 या 2033 तक खेल सकते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर ने कहा, "कोहली के कुछ शॉट तो बहुत ही शानदार और क्लियर थे. जिस तरह से वह फील्डिंग करते हैं और विकेटों के बीच दौड़ते हैं, वह भी कमाल है. अपनी उम्र और अनुभव के बावजूद, वह शायद उस टीम में सबसे फिट खिलाड़ी होंगे. यही प्रोफेशनलिज़्म है. मैच जीतने की लगातार कोशिश करना, जब टीम बहुत पीछे हो तो उसे वापस मुकाबले में लाना, और अपने रनों और अपने साथियों के लिए उतनी ही तेजी से दौड़ना. जिस तरह से वह अभी खेल रहे हैं, उसमें बहुत कुछ पसंद करने लायक है."