IND vs WI Test Series: भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस जीत से ज्यादा चर्चा में रहा कप्तान शुभमन गिल का धोनी की परंपरा को तोड़ना. भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने एक परंपरा शुरू की थी कि जब भी टीम इंडिया कोई सीरीज जीतती, तो ट्रॉफी टीम के सबसे नए खिलाड़ी को सौंपी जाती थी. इसका मकसद था टीम में एकता और नए खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाना.

गिल ने तोड़ दी धोनी की परंपरा

वेस्टइंडीज पर 2-0 से सीरीज जीतने के बाद बीसीसीआई ने टीम इंडिया के जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया. वीडियो में दिखा कि कप्तान शुभमन गिल ने बीसीसीआई वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला से ट्रॉफी ली और उसे उप-कप्तान रवींद्र जडेजा को थमा दी. यह देखकर फैंस हैरान रह गए, क्योंकि सभी को उम्मीद थी कि यह ट्रॉफी किसी नए खिलाड़ी, को दी जाएगी, जैसा कि धोनी के जमाने से होता आ रहा है. सोशल मीडिया पर फैंस ने सवाल उठाए कि क्या गिल ने धोनी परंपरा खत्म कर दी, यह तो टीम का कल्चर था.

रोहित और विराट ने भी निभाई ये परंपरा

एमएस धोनी ने अपने कप्तानी कार्यकाल में यह खूबसूरत रिवाज शुरू किया था कि जब भी भारत कोई सीरीज जीतता, तो वह ट्रॉफी टीम के नए खिलाड़ी को सौंप देते थे. विराट कोहली, रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या जैसे कप्तान भी इस परंपरा को निभाते रहे, लेकिन गिल का यह कदम पहली बार इस परंपरा से अलग नजर आया.

हालांकि, बाद में वीडियो में दिखा कि जडेजा ने ट्रॉफी हवा में लहराने के बाद उसे एन जगदीशन को सौंप दिया गया. इस तरह परंपरा टूटी नही, बल्कि थोड़ा बदला रूप लेकर निभाई गई. पहले सीनियर को सम्मान, फिर नए खिलाड़ी को मौका.

मैदान पर भारत का दबदबा

सीरीज के दोनों टेस्ट मैचों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 518/4 पर पारी घोषित की. यशस्वी जायसवाल (175) और कप्तान शुभमन गिल (नाबाद 175)  ने बेहतरीन पारियां खेली. जवाब में वेस्टइंडीज की टीम पहली पारी में 248 और दूसरी पारी में 390 रन पर सिमट गई. भारत को 121 रन का लक्ष्य मिला, जिसे टीम इंडिया ने 7 विकेट शेष रहते आसानी से हासिल कर लिया. इस जीत के साथ भारत ने सीरीज पर 2-0 से कब्जा जमा लिया.