भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शनिवार को आयरलैंड और इंग्लैंड की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का एलान किया. इसके साथ ही बोर्ड ने एशियन गेम्स की टीम भी घोषित की. इसमें सबसे बड़ी बात यह रही कि श्रेयस अय्यर को भारत की टी20 टीम का कप्तान नियुक्त किया गया. सूर्यकुमार यादव से कप्तानी तो छीनी ही गई, साथ ही टीम से भी बाहर कर दिया गया. भारत की कप्तानी मिलने के बाद श्रेयस अय्यर की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.

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भारत की टी20 टीम का कप्तान बनने के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि उन्हें बचपन से ही चुनौतियों का सामना करना पसंद रहा है. उन्होंने आगे कहा कि नेशनल टीम की कप्तानी मिलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें अपना व्यक्तित्व बदलना होगा. अय्यर ने कहा कि वह वही व्यक्ति बने रहना चाहते हैं, जिसने मुंबई के बेहद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट माहौल में खेलते हुए अपनी पहचान बनाई है.

श्रेयस अय्यर ने एक कार्यक्रम में कहा, "मुझे अपना व्यक्तित्व बदलने की जरूरत नहीं है. मुझे वही इंसान बने रहना है जो मैं पहले था. मैं किसी और जैसा बनने या किसी की सरपरस्ती में रहने की कोशिश नहीं करूंगा. मुझे हमेशा चुनौतियां पसंद रही हैं. मुंबई में क्रिकेट का स्तर बहुत ऊंचा है और प्रतिस्पर्धा भी बेहद कड़ी होती है. वहां हर दूसरा बच्चा मुंबई का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है."

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अय्यर ने कहा कि उनकी सोच हमेशा जीत हासिल करने की रही है. उन्होंने कहा, मेरा नजरिया हमेशा अपने सामने मौजूद हर चुनौती को जीतने का रहा है. सीखना और जीतना अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन खेल का आनंद लेना और प्रतिस्पर्धी भावना विकसित करना आपको एक अलग स्तर पर पहुंचा देता है. जब आपको ऐसी जिम्मेदारी मिलती है तो आप उसे स्वीकार करना चाहते हैं. फिलहाल कप्तान के रूप में मिली यह भूमिका मेरे लिए बड़ी चुनौती है.

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