नई दिल्ली: बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट से राहत मिलने के बाद भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने पहली बार अपना पक्ष रखा है. एबीपी न्यूज़ के वाह क्रिकेट कार्यक्रम में खास बातचीत के दौरान शमी ने बताया कि मुझे बीसीसीआई की जांच पर भरोसा था और एंटी करप्शन यूनिट की रिपोर्ट मैं निर्दोष साबित हुआ.
शमी ने कहा, 'मैंने कुछ गलत नहीं किया था. मेरे मन में कभी ऐसी कोई घिनौनी हरकत नहीं आती है. आगे भी कोशिश करूंगा कि ऐसे आरोप कभी ना लगे.'
उन्होंनें कहा, 'दोबारा ड्रेसिंग रूम में जाने पर थोड़ा सा अजीब तो लगेगा. किसी ऐसे वैसे व्यक्ति ने आरोप नहीं लगाए मेरी धर्मपत्नी ने आरोप लगाए थे. कोशिश करूंगा कि दोबारा कभी ऐसे आरोप ना लगें.'
शमी ने विराट कोहली से बात करने पर कहा कि, 'मैं हमेशा सबसे बात करता हूं. आरोप लगे थे लेकिन जब तक आरोप साबित ना हो जाएं खुद को दोषी नहीं मानना चाहिए.'
शमी ने कहा, 'इतने गंभीर आरोप और लंबे ब्रेक के बाद थोड़ा सा तो वक्त लगेगा वापस आने में. लेकिन देश और सभी टूर्नामेंट में बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है. मैं पूरी कोशिश करूंगा इस जिम्मेदारी को निभाने की.'
क्लीनचिट के बाद शमी ने कहा, 'पिछले 16 दिनों से मैं काफी परेशान रहा हूं लेकिन इस क्लीनचिट के बाद मैं फिर से मैदान पर अपना सौ फिसदी देने की कोशिश करुंगा.'
आपको बता दें कि बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट की क्लीनचिट के साथ ही शमी को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के ग्रेड बी में शामिल कर लिया गया है. ग्रेड बी में शमी को तीन करोड़ की राशि मिलेगी.
इससे पहले हसीन जहां ने शमी पर मैच फिक्सिंग जैसे संगीन आरोप लगाए थे. हसीन ने दावा किया था कि शमी लंदन में रहने वाले मोहम्मद भाई और पाकिस्तानी लड़की अलिश्बा के साथ पैसे की लेन-देन की है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीसीसीआई ने शमी को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की लिस्ट से बार कर दिया था और जांच के लिए एक एंटी करप्शन यूनिट का गठन किया. एंटी करप्शन यूनिट ने इस मामले में शमी के साथ उनकी पत्नी हसीन से भी पूछताछ की थी.
इसके साथ ही शमी का आईपीएल में खेलने का रास्ता साफ हो गया है.
