मुंबई: चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने संकेत दिए कि ऋद्धिमान साहा आगामी मैचों के लिए भारतीय टेस्ट टीम में अपना उचित स्थान दोबारा हासिल करेगा क्योंकि वह चोट के कारण बाहर हुआ था और ईरानी मैच उसकी फिटनेस को परखने के लिए था.

 

प्रसाद ने कहा, ‘‘हमने स्पष्ट कर दिया है कि चोट से वापसी करने वाले खिलाड़ी को घरेलू मैच में खेलना होगा और यह उसके लिए सर्वश्रेष्ठ मौका था. फिलहाल साहा और पार्थिव हमारे पास सर्वश्रेष्ठ नंबर एक और दो हैं. फिटनेस परीक्षा के लिए ही हमने साहा को यहां खिलाया.’’ पार्थिव ने टेस्ट में अच्छी वापसी करते हुए दो अर्धशतक जड़े जबकि मुंबई के खिलाफ फानइल में गुजरात को रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने वाला शतक भी बनाया. साहा ने हालांकि ईरानी ट्रॉफी इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक खेलते हुए नाबाद 203 रन बनाए जिससे शेष भारत ने आज लगभग 400 रन के लक्ष्य को हासिल किया.

 

प्रसाद ने कहा, ‘‘निजी तौर पर मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि साहा चोट के कारण टीम से बाहर था और इसलिए नहीं कि वह खराब फॉर्म में है. वह न्यूजीलैंड के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में मैन ऑफ द मैच था और उसने वेस्टइंडीज में शतक बनाया था.’’ प्रसाद का साथ ही मानना है पार्थिव की विकेटकीपिंग में सुधार हुआ है लेकिन साहा अब भी बेहतर विकेटकीपर हैं.

 

उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर पार्थिव की विकेटकीपिंग में सुधार हुआ है. लेकिन साहा की विकेटकीपिंग बेहतर हैं और वहीं वह पार्थिव से अधिक अंक हासिल करता है. आज की बल्लेबाज से साहा ने दिखाया कि वह देश का नंबर एक विकेटकीपर है. कल जब वह बल्लेबाजी के लिए आया तो टीम 63 रन पर चार विकेट गंवाकर संकट में थी और गुजरात से मैच छीनना शानदार रहा. इसलिए यह दोनों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है.’’ 

 

प्रसाद ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में 2-1 की जीत के दौरान सीनियर खिलाड़ियों महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह की भूमिका की तारीफ की लेकिन साथ ही कहा कि यह अभी बताना जल्दबाजी होगी कि ये दोनों इंग्लैंड में 2019 विश्व कप में भारतीय अभियान की हिस्सा होंगे या नहीं. उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ सीरीज जीतने की बात नहीं है, यह आसान जीत नहीं थी और हमें कड़ा संघर्ष करना पड़ा.

 

इस टूर्नामेंट ने हमें शानदार मौके दिए और चयनकर्ता के रूप में हमने जो कुछ फैसले किए वे अच्छे रहे जैसे कि युवराज और केदार (जाधव) को मौका देना और माही (धोनी) ने भी रन बनाए. (सीरीज) जीतने के अलावा ये चीजें शानदार रही.’’ 

 

युवराज ने कटक में दूसरे वनडे में 150 जबकि धोनी ने 134 रन की पारी खेली जिससे भारत ने तीन विकेट 25 रन पर गंवाने के बाद छह विकेट पर 381 रन का स्कोर खड़ा किया और भारत ने 15 रन से जीत दर्ज करके सीरीज अपने नाम की.

 

मुख्य चयनकर्ता ने कहा, ‘‘धोनी और युवराज के 2019 विश्व कप का हिस्सा होने पर बात करना जल्दबाजी होगी. हम ऐसी चीजों के बारे में अभी बात नहीं कर सकते जिसमें 800 या इससे अधिक दिन बचे हों.’’ प्रसाद ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-2 की जीत के दौरान वह मध्यक्रम को लेकर थोड़ा चिंतित थे जिसके कारण चयनकर्ताओं को युवराज को वापसी करानी पड़ी लेकिन यह कोई जुआ नहीं था.

 

उन्होंने कहा, ‘‘न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान हम मध्यक्रम को लेकर थोड़ा चिंतित थे. केदार और युवराज ने जैसे प्रदर्शन किया उससे अब हम अधिक आश्वस्त हैं. (अजिंक्य) रहाणे, मनीष पांडे और अंबाती रयुडू जैसे खिलाड़ियों की रिजर्व में मौजूदगी हमारी बेंच स्ट्रैंथ को दर्शाती है. अब मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं.’’