नीट-यूजी पेपर लीक विवाद गहराता जा रहा है. सीजेपी ने देशभर में प्रदर्शन का एलान कर दिया है और छात्रों से इसमें शामिल होने का आह्वान भी किया है. इसी बीच दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने इस पर चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया पर भावुक मैसेज शेयर किया है. उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि असफल हो जाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन चीटिंग या छल करना बिल्कुल गलत है.
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि छात्रों को कभी ऐसा महसूस नहीं होना चाहिए कि उनकी कड़ी मेहनत बेकार जा रही है. उन्होंने सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री को हटाए जाने जैसी कोई मांग नहीं रखी, लेकिन यह जरूर कहा कि देश के भविष्य को संवारने में ईमानदारी, योग्यता सामूहिक जिम्मेदारी का बहुत अधिक महत्व है.
सचिन तेंदुलकर ने इंस्टाग्राम पर लंबा-चौड़ा पोस्ट करते हुए लिखा, "मेरे पिता प्रोफेसर थे. वे युवा छात्रों के सलाहकार थे और उनका मार्गदर्शन भी किया. उनके द्वारा सिखाई गई एक बात यह थी कि: असफल हो जाना ठीक है लेकिन नकल करना बिल्कुल नहीं. कभी भई शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए."
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले तेंदुलकर ने ऐसा वातावरण बनाने की बात पर जोर दिया जहां मेहनत व्यर्थ ना जाए, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और काबिलियत की जीत हो. उन्होंने उम्मीद जताई कि सब मिलकर ऐसा समाधान जरूर निकाल सकते हैं, जहां बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाया जा सके.
बता दें कि इस शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को हटाए जाने पर 20 जुलाई को विरोध प्रदर्शन ने तेजी पकड़ी. हजारों की संख्या में छात्रों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को रोक दिया था.
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