ब्रैडमैन ने जब तेंदुलकर में अपनी झलक देखी तो कहा था, 'मैंने तेंदुलकर को खेलते हुए टीवी पर देखा था. मैं उसकी तकनीक देखकर दंग रह गया था. मैंने अपनी पत्नी से पूछा कि उसकी बल्लेबाजी देखी. अब मैं अपने आप को बल्लेबाजी करते हुए देख पाता हूं. मुझे लगता है कि यह खिलाड़ी बहुत कुछ वैसा ही खेलता है, जैसा मैं खेलता था. मेरी पत्नी ने टीवी पर उसे खेलते देखा और कहा कि हां, आप दोनों की बल्लेबाजी में समानता दिखती है. आपके स्ट्रोक खेलने का अंदाज, तकनीक एकजैसी लगती है.' सचिन तेंदुलकर ने डॉन ब्रेडमैन को उनके 111वें सालगिरह पर दी श्रद्धांजलि
ABP News Bureau | 27 Aug 2019 08:12 PM (IST)
सचिन तेंदुलकर को ब्रैडमैन ने साल 1998-99 में शेन वॉर्न के साथ अपने घर पर बुलाया था और उनसे बातचीत कर उनकी तारीफ भी की थी. कई लोग सर डॉनाल्ड ब्रैडमैन को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए याद करते हैं. अब मैं अपने आप को बल्लेबाजी करते हुए देख पाता हूं. मुझे लगता है कि यह खिलाड़ी बहुत कुछ वैसा ही खेलता है.

क्रिकेट का खेल एक ऐसा खेल हैं जहां हम अबतक कई महान क्रिकेटर्स देख चुके हैं. कई महान खिलाड़ी चले गए तो वहीं कई आज ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने करियर के ऐसे निशान छोड़े हैं जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. इन्हीं में से एक खिलाड़ी हैं डॉन ब्रैडमैन. ब्रैडमैन 27 अगस्त 1908 को पैदा हुए थे और आज भी उन्हें दुनिया का सबसे महान खिलाड़ी माना जाता है. ऑस्ट्रेलियाई टीम को एक अव्वल टीम बनाने में ब्रैडमैन का बड़ा योगदान है. इसमें ब्रैडमैन की भूमिका पहले एक कप्तान के तौर पर रही और फिर एक खिलाड़ी के तौर पर. टेस्ट क्रिकेट में उनका बैटिंग एवरेज 99.94 का रहा है जिसे आजतक कोई तोड़ नहीं पाया है. आज ब्रैडमैन को दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने उनके 111वें सालगिरह पर श्रद्धांजलि दी. सचिन तेंदुलकर को ब्रैडमैन ने साल 1998-99 में शेन वॉर्न के साथ अपने घर पर बुलाया था और उनसे बातचीत कर उनकी तारीफ भी की थी. तेंदुलकर ने साल 2013 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. तेंदुलकर ने आज उन्हें याद करते हुए ट्विटर पर लिखा कि 'कई लोग सर डॉनाल्ड ब्रैडमैन को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए याद करते हैं. मुझे उनकी सादगी और सेंस ऑफ ह्यूमर के कारण याद आती है जो मैंने अनुभव की जब मुझे 1998 में उनसे मिलने का मौका मिला. हमने साथ में समय बिताया तो मैंने यह जाना.'