क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. किस गेंद के साथ मैच किस करवट बैठेगी इसका अंदाजा कोई नहीं निकाल सकता. क्रिकेट की दुनिया में कई ऐसे मुकाबले हुए जिसमें परिणाम अचानक बदले और हर कोई उस परिणाण से हैरान हुआ लेकिन रविवार को खेले गए एक मुकाबले में जो हुआ उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी.

इंग्लैंड की एक क्लब टीम हाई वायकोब्म सीसी जीत के करीब पहुंच कर ऐसी हारी की क्रिकेट जगत में सुर्खियों में आ गई. वायकोब्म सीसी के गेंदबाजों ने पीटरबोरो को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के फैसले को गलत साबित करते हुए 39.3 ओवर में 188 रनों पर ढेर कर दिया.

 

वायकोब्म सीसी को जीत के लिए 189 रनों की जरूरत थी. टीम की शुरुआत खराब रही और 1 रन बनते ही पहला झटका लग गया. लेकिन सलामी बल्लेबाज इलियोट कैलिस (61) और नैथन हॉक्स(नाबाद 59) ने टीम को जीत के करीब तक पहुंचा दिया. लेकिन मैच का परिणाम अभी बदलने वाला था. 186 पर तीन विकेट गंवाने वाली वायकोब्म सीसी की टीम का हाल कुछ ऐसा होने वाला था जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी.

पीटरबोरो के गेंदबाज कायरोन जोन्स ने ऐसी गेंदबाजी की कि चार गेंद पर विरोधी टीम के चार बल्लेबाज पवेलियन लौट गए. 40 ओवर के इस मैच में अंतिम ओवर लेकर आए 16 साल के ऑफ स्पिनर दानियाल मलिक. वायकोब्म को जीत के लिए 3 रनों की जरूरत थी लेकिन मलिक की फिरकी में फंसे विरोधी टीम के बल्लेबाज एक-एक के बाद एक अगली चार गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे. इस हैरतअंगेज गेंदबाजी की बदौलत पीटरबोरो की टीम मुकाबले को 1 रन से अपने नाम कर गई. वायकोब्म की टीम ने 11 गेंद पर 1 रन के अंदर अपने सात विकेट गंवा कर फाइनल हार गई.