नई दिल्ली: श्रीलंका के खिलाफ धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे मैच में टीम इंडिया को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को श्रीलंकाई गेंदबाजों ने सिर्फ 112 रनों पर समेट दिया.

श्रीलंका के गेंदबाजों ने पूरी भारतीय पारी के दौरान बल्लेबाजों के नाक में दम कर रखा था. एक समय मात्र 16 रन पर भारत ने अपने पांच बड़े विकेट गंवा दिए, लेकिन पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक छोर पर डटे रहे.

धोनी ने 65 रनों की जुझारु पारी खेलकर टीम के स्कोर को 100 रनों के पार पहुंचाया, लेकिन इस दौरान धोनी ने ना सिर्फ श्रीलंकाई गेंदाबाजों को बल्कि मैदान पर मौजूद अंपयारों को भी अपनी चतुराई से मात देते रहे.

दरअसल मैच के 33वें ओवर में धोनी की सुझ-बुझ से जसप्रीत बुमराह आउट होने से बाल-बाल बच गए. बल्लेबाजी कर रहे बुमराह श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज पाथिराणा की फिरकी को नहीं समझ पाए और गेंद उनके पैड जा टकराई. पाथिराणा ने एलबीडबल्यू की अपील की और अंपायर अनिल चौधरी ने उन्हें आउट करार दिया.

बुमराह लगभग खुद को आउट मान चुके थे और वे पवेलियन की ओर जाने भी लगे, लेकिन तभी धोनी ने अंपायर को डीआरएस का इशारा किया. थर्ड अपंयार ने जब उस गेंद की जांच की तो पाया कि गेंद लाइन से बारह जाकर विकेट से लग लग रही है. ऐसे में मैदानी अपंयार को अपना फैसला बदलना पड़ा और बुमराह आउट होने से बच गए.

ऐसा कई बार देखा गया है कि धोनी चाहे विकेट के पिछे खड़े हो या बल्लेबाजी कर रहे हों वे डीआरएस के मामले में बहुत ही सटीक साबित होते हैं, इसलिए डीआएस को लोग अब 'धोनी रिव्यू सिस्टम' भी कहने लगे हैं.

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