भारतीय क्रिकेट के गलियारे से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है. साल 1989 में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले पूर्व तेज गेंदबाज सलिल अंकोला इन दिनों एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं. खबर है कि अपनी मां के निधन के सदमे से उबर न पाने के कारण वह गहरे डिप्रेशन (अवसाद) का शिकार हो गए हैं और खुद को संभालने के लिए उन्होंने रिहैब सेंटर का सहारा लिया है. अक्टूबर 2024 में अपनी मां को खोने के बाद सलिल अंकोला मानसिक रूप से काफी टूट गए थे. बार-बार गिरती सेहत और बढ़ती बेचैनी के बीच उन्होंने एक साहसी फैसला लिया.

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उन्होंने खुद को पुणे के पास एक मेंटल हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया है, ताकि वह शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी मानसिक स्थिति को बेहतर बना सकें. उनकी पत्नी रिया अंकोला ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि परिवार उनके इस फैसले के साथ खड़ा है. अक्सर लोग मानसिक परेशानियों को छिपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन सलिल ने समय रहते ब्रेक लेने और इलाज कराने का रास्ता चुना. यह कदम दर्शाता है कि वह खुद को पूरी तरह टूटने से बचाना चाहते हैं. उनकी पत्नी का कहना है कि वह अब रिकवरी की राह पर हैं और जल्द ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी वापसी करेंगे.

चोट और ट्यूमर ने बदला करियर का रास्ता

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सलिल अंकोला का क्रिकेट करियर जितना शानदार शुरू हुआ था, उसका अंत उतना ही दर्दनाक रहा. 1989 से 1997 के बीच उन्होंने भारत के लिए एक टेस्ट और 20 वनडे मैच खेले, जिसमें उनके नाम 15 विकेट रहे. लेकिन करियर के चरम पर उनके बाएं पैर की पिंडली में एक ट्यूमर का पता चला. इस गंभीर बीमारी ने उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर पर अचानक ब्रेक लगा दिया और उन्हें मैदान को अलविदा कहना पड़ा. क्रिकेट छूटने के बाद सलिल ने हार नहीं मानी और ग्लैमर की दुनिया का रुख किया. उन्होंने कई मशहूर टीवी सीरियल्स और फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया.

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हालांकि, कैमरे के सामने रहने के बावजूद उनका दिल हमेशा मैदान पर ही लगा रहा. यही वजह रही कि बाद में उन्होंने बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दीं और खेल से जुड़े रहे. घरेलू क्रिकेट में तो सलिल अंकोला का कद बहुत बड़ा रहा है. मुंबई और महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए उन्होंने 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 181 विकेट चटकाए थे. उनकी गेंदबाजी की धार ऐसी थी कि दिग्गज बल्लेबाज भी उनसे खौफ खाते थे. लेकिन निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव ने उन्हें बार-बार चुनौती दी.

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संघर्षों को मात देकर फिर लौटेंगे सलिल

यह पहली बार नहीं है जब यह पूर्व क्रिकेटर अपनी व्यक्तिगत समस्याओं से लड़ रहा है. करीब दो दशक पहले भी वह शराब की लत के शिकार हुए थे, लेकिन तब भी उन्होंने रिहैब के जरिए खुद को पूरी तरह बदला था. उनके दोस्त और क्रिकेट बिरादरी के लोग उन्हें एक 'फाइटर' मानते हैं, जो हर मुश्किल से लड़कर बाहर निकलना जानता है.

वर्तमान स्थिति को लेकर उनकी पत्नी रिया काफी सकारात्मक हैं. उन्होंने बताया कि सलिल अब नियमित रूप से वर्कआउट कर रहे हैं और उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. उन्होंने प्रशंसकों को आश्वस्त किया कि वह पहले से कहीं ज्यादा मजबूती के साथ वापसी करेंगे. परिवार और दोस्तों का साथ उनके लिए इस वक्त सबसे बड़ी दवा साबित हो रहा है. सलिल अंकोला की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि मानसिक स्वास्थ्य कितना जरूरी है. मदद मांगना कोई कमजोरी नहीं है, बल्कि खुद को बचाने की एक बहादुरी भरी कोशिश है. पूरा क्रिकेट जगत और उनके चाहने वाले दुआ कर रहे हैं कि यह दिग्गज खिलाड़ी जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटे.