15-28 सितम्बर के बीच खेले जाने वाले एशिया कप के लिए भारतीय कप्तान विराट कोहली को आराम देने का फैसला किया है. एशियाई देशों के इस टूर्नामेंट में रोहित शर्मा को टीम की कमान सौंपी गई है. जबकि शिखर धवन टीम के उप-कप्तान होंगे.
लेकिन एक नज़र में जानते हैं कि क्या विराट की गैर-मौजूदगी में एशिया कप खेलने जा रही 16 सदस्यीय टीम में एशिया कप जीतने का दमखम है.
विराट की गैर-मौजूदगी में भी बल्लेबाज़ी है मजबूत: एशिया कप में भारत की वही ओपनिंग जोड़ी देखने को मिलेगी जो मौजूदा समय में सबसे सफल है. जी हां, टीम के कप्तान और उप-कप्तान रोहित शर्मा और शिखर धवन ओपनिंग में टीम का दारोमदार संभालेंगे. जबकि मिडिल ऑर्डर में केएल राहुल, केदार जाधव, मनीष पांडे, अंबाती रायडू टीम को ताकत देते नज़र आएंगे.
इसके बाद एमएस धोनी और हार्दिक पांड्या भी बल्लेबाज़ी में मजबूती देने के लिए काफी हैं.
भारतीय टीम के बल्लेबाज़ी लाइनअप को देखकर ये साफ नज़र आता है कि विराट कोहली की गैर-मौजूदगी में भी बीसीसीआई ने टूर्नामेंट के लिए मजबूत बल्लेबाज़ी लाइनअप को यूएई भेजने का फैसला किया है. जिसके पास अनुभव के साथ-साथ हर मैच में उसकी परिस्थिती के हिसाब से खेलने का दमखम है.
विकेट कीपिंग:टीम इंडिया के कप्तान विराट इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं हैं लेकिन भारत के पूर्व कप्तान पाकिस्तान को वर्ल्डकप में दो बार धूल चटाने वाले एमएस धोनी टीम के साथ बने हुए हैं. धोनी अपने अनुभव के साथ-साथ विकेटकीपिंग का जिम्मा भी संभालेंगे.
वहीं उनके साथ रिज़र्व विकेटकीपर के तौर पर दिनेश कार्तिक को टीम के साथ रखा गया है. दिनेश कार्तिक ने हाल ही में शॉर्टर फॉर्मेट में शानदार फॉर्म दिखाई थी. जिससे ये पता चलता है भारतीय बल्लेबाज़ी में बहुत अधिक गहराई है.
सबसे धारदार तेज़ गेंदबाज़ी: यॉर्कर स्पेशलिस्ट जसप्रीत बुमराह और स्विंग के सिकंदर भुवनेश्वर कुमार किसी भी बल्लेबाज़ी लाइनअप को परेशान करने के लिए काफी हैं. बुमराह मौजूदा समय में वर्ल्ड के नंबर एक तेज़ गेंदबाज़ हैं. वहीं भुवी के गेंदों का समझ पाना किसी के लिए भी आसान नहीं रहता है.
गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह आक्रमण की अगुवाई करेंगे. इनके अलावा शार्दुल ठाकर एक बार फिर से तीसरे गेंदबाज़ की भूमिका में नज़र आएंगे. इन तीनों के अलावा एक युवा गेंदबाज़ को भी टीम में शामिल किया गया है. अपने प्रदर्शन से लगातार सुर्खियों में छाए खलील अहमद को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है.
राजस्थान के टोंक के इस 20 वर्षीय गेंदबाज़ ने हाल ही में चार देशों की सीरीज़ में अपनी गेंदों से सबको अपना कायल कर दिया था. बाएं हाथ के इस युवा को भी टीम इंडिया में अपना हुनर दिखाने का मौका दिया गया है.
इन चारों के अलावा एक गेंदबाज़ की भूमिका निभाने के लिए हार्दिक पांड्या मौजूद हैं. जिन्होंने अपने बल्ले के साथ-साथ गेंदों से भी विरोधी टीमों को पस्त किया है. चैम्पियंस ट्रॉफी 2016 का उनका प्रदर्शन तो खुद पाकिस्तान भी नहीं भूला होगा.
स्पिन के सौदागर:बल्लेबाज़, विकेटकीपिंग, तेज़ गेंदबाज़ी के बाद बात आती है फिरकी गेंदबाज़ी की और जब टीम के पास चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल हों तो फिर किसी भी और ज़रूरत ही क्या है.
जी हां, कुलदीप यादव आईसीसी की वनडे रैंकिंग में छठे पायदान पर मौजूद हैं. इसके साथ ही वो इस साल भारत के लिए सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ भी हैं. उन्होंने साल 2018 में खेले कुल 9 वनडे मैचों में 26 विकेट चटकाए हैं.
वहीं चहल के आगे भी बड़े-बड़े बल्लेबाज़ पानी भरते नज़र आते हैं. वो भी 18 विकेटों के साथ साल 2018 में भारत के दूसरे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं. इन दोनों के अलावा अक्षर पटेल पर भी टीम के साथ मौजूद हैं. टीम इंडिया स्पिन अटैक में भी अपनी पूरी पावर के साथ एशिया कप में भाग लेने जा रही है.
भले ही कप्तान की गैर-मौजूदगी में पहली बार सुनने पर टीम इंडिया कमज़ोर सुनाई दे. लेकिन हकीकत में भारतीय टीम विराट को छोड़ अपनी पूरी पावर के साथ पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेस जैसी अन्य टीमों का सामना करने जाएगी.
भारत के पास इस टूर्नामेंट के लिए रोहित, धोनी, धवन, कार्तिक के रूप में अनुभव भी है और पांड्या, पांडे, चहल के रूप में युवा जोश भी. ऐसे में भारत के लिए एशिया कप जीतने का ये अच्छा मौका है. साथ ही एशियाई देशों को ये बताने का भी सुनहरा मौका है कि एशिया के सिकंदर हम हैं.
एशिया कप कब से:संयुक्त अरब अमीरात में 15 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप में भारत की टक्कर पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश जैसी टीमों के साथ होगी. भारत का सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से दो और फाइनल में पहुंचने पर तीन बार भी हो सकता है.
टीम इंडिया का टूर्नामेंट का पहला मैच 17 सितंबर को होगा.