2 नवंबर की तारीख भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा एक खास स्थान रखेगी. इसी साल उसने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर महिला वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीता है. वर्ल्ड कप के लीग स्टेज में भारतीय टीम लगातार तीन मैच हार गई थी, जिसके बाद हरमनप्रीत कौर की कप्तानी पर सवाल उठने लगे थे. मगर भारत की वर्ल्ड कप जीत से उन्होंने अपने आलोचकों को गलत साबित किया है. दरअसल जब कौर, ICC चेयरमैन जय शाह से ट्रॉफी लेने जा रही थीं, तब उन्होंने जय शाह के पैर छूने का प्रयास किया था. हालांकि जय शाह ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया था. आखिर जय शाह ने ऐसा क्यों किया? यहां आपको इस सवाल का जवाब मिलेगा.

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जय शाह ने क्यों नहीं छुवाए पैर?

सबसे पहला कारण यह है कि हिन्दू धर्म में लड़की/स्त्री से पैर नहीं छुवाए जाते हैं क्योंकि स्त्री को शक्ति का रूप माना गया है. हिन्दू धर्म में महिला को पूजने योग्य माना जाता है. हालांकि महिलाओं को बड़े-बुजुर्गों के पैर छूते हुए देखा जाता है. पुरानी मान्यताओं अनुसार महिलाएं पिता, गुरु और बुजुर्गों के ही पैर छूती आई हैं. जय शाह और हरमनप्रीत की उम्र लगभग समान है, ऐसे में अगर शाह भारतीय कप्तान से पैर छुवा लेते, तो इसे स्त्री अपमान की दृष्टि दे देखा जाता.

इस जेस्चर के लिए जय शाह की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ भी हुई. कहा गया कि जय शाह ने पैर ना छुवाते हुए नारी शक्ति का सम्मान किया. कहा गया कि यह उनके अच्छे संस्कारों को प्रदर्शित करता है.

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बताते चलें कि जय शाह ने भारतीय महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अब ICC चेयरमैन होते हुए विश्व क्रिकेट में महिला विश्व कप को नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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