इंडियन प्रीमियर लीग के फाउंडर ललित मोदी लगातार बहुत बड़े-बड़े खुलासे करते रहे हैं. अब मोदी का कहना है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने उन्हें जान से मारने की कोशिश की थी. बता दें कि 2010 में ललित मोदी भारत छोड़कर चले गए थे और अब लंदन में रह रहे हैं.

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न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में ललित मोदी ने बताया कि यह मामला साल 2012 का है, जब लंदन में एक फिक्सर ने उनसे संपर्क साधा. यह सुबह 3:30 बजे की बात है, जब इस तथाकथित फिक्सर ने ललित मोदी पर दबाव डाला कि वह एक 'बाबा' नामक बिचौलिए से जाकर उसके अपार्टमेंट पर मिले.

दाऊद इब्राहिम से फोन पर बात

मोदी के अपार्टमेंट पर पहुंचने के बाद इस बिचौलिए ने सेटलाइट फोन से एक नंबर डायल किया जिसपर दूसरी ओर दाऊद इब्राहिम थे. फोन स्पीकर पर था और सामने से आवाज आई, 'अभी से तुम्हारा सब काम खत्म.' और फिर कॉल कट गया.

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आईपीएल के पूर्व संस्थापक ने कहा कि इस घटना के बाद वह बिचौलिया उन्हें बार-बार संपर्क करता और पैसे की डिमांड करता. वह कहता कि अंडरवर्ल्ड आईपीएल को अपने कंट्रोल में लेना चाहता है. दाऊद इब्राहिम के गट गुट (डी-कंपनी सिंडीकेट) का कहना था कि ललित मोदी पर उनका कर्जा है, क्योंकि मोदी के प्राशासनिक फैसलों के कारण उन्हें सट्टेबाजी बाजारों में भारी नुकसान झेलना पड़ा था.

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क्यों छोड़ा क्रिकेट?

जब ललित मोदी से पूछा गया कि क्या दाऊद इब्राहिम के प्रभाव से उन्होंने क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन छोड़ा. इसके जवाब में मोदी ने कहा कि यह उनके क्रिकेट से दूर जाने की मुख्य वजहों में से एक रही. 

ललित मोदी ने यह भी खुलासा किया कि जब भारत में 2009 लोकसभा चुनाव के कारण आईपीएल का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया, तब सट्टेबाजी बाजार में जैसे भूचाल आ गया था. मोदी के अनुसार ज्यादातर लोगों ने यह नहीं सोचा था कि टूर्नामेंट को दूसरे देश में शिफ्ट कर दिया जाएगा, इसलिए उन्होंने बहुत सारा पैसा दांव पर लगाया था. जब अचानक टूर्नामेंट को दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट कर दिया गया, तो सट्टेबाजों को बहुत तगड़ा नुकसान हुआ. इसलिए डी-कंपनी उन्हीं से उसकी वसूली करना चाहती थी.

जानलेवा हमला करवाया

ललित मोदी ने बताया कि जब उन्होंने माफिया द्वारा मिले करोड़ों रुपयों के ऑफर को ठुकरा दिया, उसके बाद दाऊद इब्राहिम ने उनपर 3 जानलेवा हमले करवाए थे. यहां तक कि उनके बेटे का अपहरण भी किया गया, जिसे बाबा अवीन नामक शख्स ने अंजाम दिया था.