सुरेश रैना के अर्धशतक और महेंद्र सिंह धोनी की आखिरी ओवरों में खेली गई तेज-तर्रार पारी से चेन्नई सुपरकिंग्स ने धीमी शुरुआत से पार पाकर दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आईपीएल मैच में बुधवार को चार विकेट पर 179 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. रैना ने 37 गेंदों पर 59 रन बनाये और फाफ डुप्लेसिस (41 गेंदों पर 39) रन के साथ दूसरे विकेट के लिये 83 रन की साझेदारी की, लेकिन वह धोनी थे, जिन्होंने 22 गेंदों पर चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 44 रन बनाये और टीम को दमदार स्कोर तक पहुंचाया. रवींद्र जडेजा ने दस गेंदों पर 25 रनों का योगदान दिया. चेन्नई ने आखिरी छह ओवरों में 91 रन बनाए. रैना ने अगर टीम को धीमी शुरुआत से उबारा तो धोनी ने उनके प्रयासों को पंख लगाये. चेन्नई के कप्तान ने 19वें ओवर में क्रिस मौरिस की बीमर को छक्के लिये भेजा और फिर कैगिसो रबाडा की जगह टीम में लिये गये ट्रेंट बोल्ट की पारी की आखिरी दो गेंदों पर भी छक्के जड़े.
बोल्ट ने शुरू में बायें हाथ के स्पिनर जे सुचित (28 रन देकर दो विकेट) के साथ बेहद कसी हुई गेंदबाजी की थी. पहले तीन ओवर में तीन रन बने जबकि चौथे ओवर में सुचित ने शेन वॉटसन को पवेलियन भेजा जो तब तक खाता नहीं खोल पाने के कारण लंबा शाट खेलने के लिये बेताब थे. पावरप्ले तक भी चेन्नई का स्कोर एक विकेट 27 और दस ओवर के बाद एक विकेट पर 53 रन था. इसका प्रमुख कारण डुप्लेसिस की धीमी बल्लेबाजी थी, जो स्पिनरों के सामने असहज नजर आ रहे थे. डुप्लेसिस ने दो छक्के लगाकर अपने स्ट्राइक रेट में कुछ सुधार किया लेकिन अक्षर पटेल ने उनकी आक्रामकता पर तुरंत ही विराम लगा दिया.
रैना ने सुचित पर दो चौके और छक्का लगाकर अर्धशतक पूरा किया लेकिन इसी ओवर में गेंदबाज ने उन्हें ललचाकर कैच देने के लिये मजबूर किया. रैना की पारी में आठ चौके और एक छक्का शामिल है. उनका स्थान लेने के लिये उतरे जडेजा हालांकि आक्रामक मूड में क्रीज पर उतरे थे. पटेल और बोल्ट पर लगाये गये छक्के इसके प्रमाण हैं लेकिन क्रिस मौरिस की गेंद हवा में लहराकर वह पवेलियन लौट गये. पिछले मैच में अस्वस्थ होने के कारण नहीं खेल पाने वाले धोनी ने इसके बाद अंतिम ओवरों में लंबे शाट लगाने की अपनी क्षमता का नमूना फिर से दिखाकर चेपक में मौजूद अपने समर्थकों को मदमस्त किया.