इंडियन प्रीमियर लीग का 11वां सीजन अपने आखिरी मुकाम पर पहुंच गया है. मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम, जहां से सीजन की शुरुआत हुई थी वहीं आज आखिरी मुकाबला खेला जा रहा है. दो साल के बैन के बाद चेन्नई सुपर किंग्स धमाकेदार वापसी करते हुए फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी तो वहीं 2016 की विजेता सनराइजर्स हैदराबाद ने भी वर्चस्व को कायम रखते हुए फाइनल में जगह बनाई.

चेन्नई सुपर किंग्स ने इसी मैदान पर सीजन का पहला मैच खेला जहां रोमांचक मुकाबले में उसे मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत मिली थी. वहीं सनराइजर्स ने राजस्थान रॉयल्स को एकतरफा मुकाबले में 9 विकेट से हराया था. बात अगर दोनों टीम की की जाए तो अब तक 9 बार इनका आमना-सामना हुआ है जिसमें चेन्नई ने सात बार जीत दर्ज की. इस सीजन में दोनों लीग मुकाबले के साथ पहले क्वालीफायर में हैदराबाद को हार मिली है. ऐसे में देखना होगा कि क्या तीनों हार का बदला हैदराबाद फाइनल में लेती है या फिर चेन्नई एक ही सीजन में जीत का चौका लगाएगी.

भविष्य के परिणामों को अगर भूत के पलड़ों पर रखा जाए तो हैदराबाद की जीत सुनिश्चित लगती है. दो ऐसे पहलू हैं जो बताते हैं कि जीत हैदराबाद की होगी. दोनों ही पहलू के लिए पिछले आईपीएल के आंकड़ों को उठाते हैं जहां मुंबई इंडियंस विजेता बनी थी. उपविजेता राइजिंग पुणे सुपरजाइंट ने लीग के साथ क्वालीफायर मुकाबलों में मुंबई को तीन बार हराया था. लेकिन बात अगर फाइनल की करें तो बाजी मुंबई ने मारी थी.

इतना ही नहीं पिछले साल के इतिहास ने खुद को फिर से लगभग दोहरा ही दिया है. पुणे की टीम प्वाइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर थी और मुंबई पहले लेकिन फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम दूसरे नंबर वाली यानी की पुणे बनी थी. इस साल भी वैसा ही कुछ देखने को मिला. चेन्नई की टीम दूसरे नंबर पर थी लेकिन फाइनल में पहले जगह बनाई. वहीं हैदराबद को फाइनल में पहुंचने के लिए दूसरे क्वालीफायर में जीत दर्ज करनी पड़ी.

हैदराबाद और मुंबई का प्यार - हालाकि ये कोई आंकड़ा नहीं है लेकिन पिछले साल मुंबई इंडियंस ने खिताब हैदराबाद में जीता था और इस बार का फाइनल मुंबई के वानखेड़े में खेला जा रहा है तो क्या सनराइजर्स मुंबई इंडियंस का कारनामा दोहरा पाएगी.