अनिल कुंबले ने जो कहा, उससे पूरा 'ड्यूक बॉल' विवाद हो जाएगा खत्म! लॉर्ड्स टेस्ट पर दे डाला अहम बयान
Anil Kumble on Duke Ball Controversy: लॉर्ड्स टेस्ट में ड्यूक बॉल को लेकर हो रहे विवाद पर भारतीय दिग्गज अनिल कुंबले ने बहुत बड़ा बयान दिया है.

भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में ड्यूक बॉल विवाद चरम पर है, जिसमें कई बड़े-बड़े दिग्गज भी कूद पड़े हैं. अब भारत के महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने नियमों में बदलाव की मांग कर डाली है. उनका कहना है कि सलाइवा/लार के इस्तेमाल प्रतिबंध को हटाया जाए जिससे ड्यूक बॉल की गुणवत्ता बेहतर हो सके. लॉर्ड्स टेस्ट में दूसरे दिन भारतीय टीम ने कई बाद गेंद को रिप्लेस करने की मांग की थी, इसी बीच शुभमन गिल की अंपायर से बहस भी हो गई थी.
ईएसपीएन क्रिकइन्फो से वार्ता के दौरान अनिल कुंबले ने कहा, "यही उचित है कि गेंद नर्म हो रही है या फिर उसे बदलने की जरूरत है क्योंकि बॉल नियमित रूप से अपना आकार बदल रही है. इस विषय पर कुछ जरूर किया जाना चाहिए. अगर गेंद 10 ओवर भी नहीं चल पा रही है, बार-बार गेंद को रिप्लेस करना अच्छी बात नहीं है."
अनिल कुंबले ने कहा कि ड्यूक्स बॉल को पुराने तरीके से तैयार किया जाना चाहिए, जिसे अपने टिकाऊपन और बढ़िया स्विंग के लिए जाना जाता था. साथ ही उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड की बात को भी दोहराया, जो बार-बार ड्यूक्स बॉल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते रहे हैं. ब्रॉड भी कह चुके हैं कि ड्यूक्स बॉल का निर्माण उसी तरह होना चाहिए, जिससे इसे स्विंग के अनुरूप बनाया जा सके.
पुराने नियम को वापस लाओ
अनिल कुंबले ने ICC से गुहार लगाई है कि गेंद की शाइन को बरकरार रखने के लिए सलाइवा/लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को हटाया जाना चाहिए. आपको याद दिला दें कि आईसीसी ने यह प्रतिबंध COVID-19 महामारी के समय लगाया था. कुंबले का मानना है कि लार पर प्रतिबंध हटने से गेंद की चमक बनी रहेगी और रिवर्स स्विंग में भी मदद मिलेगी. याद दिला दें कि IPL में पहले ही लार पर प्रतिबंध को हराया जा चुका है.
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Source: IOCL



















