हरारेः जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप करने के बाद टीम इंडिया अब तीन टी 20 मैचों की सीरीज के लिए तैयार है. वनडे सीरीज के बाद अब धोनी का लक्ष्य इस सीरीज में भी क्लीन स्वीप का है. क्लीन स्वीप करने के साथ ही टीम इंडिया एक बार फिर टी 20 में नंबर वन टीम बन जाएगी.
जब दांव पर नंबर वन का ताज हो तो जीत के मायने और बड़े हो जाते हैं. धोनी के लिए भी अब जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज सिर्फ सीरीज भर नहीं है. ये मौका है टीम इंडिया को फिर से नंबर एक टीम बनाने का.
फिलहाल टी20 रैंकिंग में टीम इंडिया 132 रेटिंग प्वाइंट के साथ दूसरे नंबर पर है. जबकि न्यूजीलैंड दशमलव के अंतर से 132 अंक के बावजूद नंबर 1 पर काबिज है.
पहला मैच अपने नाम करते ही टीम इंडिया नंबर वन बन जाएगी हालाकि उसके अंक 132 ही रहेंगे. लेकिन क्लीन स्वीप करते ही टीम इंडिया 133 अंक के साथ टी20 की सरताज बन जाएगी और धोनी टी20 के सुल्तान.
हालाकि अगर टीम इंडिया एक भी मैच हारी तो उनके रेटिंग प्वाइंट 132 से घटकर 129 रह जाएंगे. टीम इंडिया फिर भी नंबर 2 पर रहेगी. यानि कि क्लीन स्वीप का मतलब है दोहरी खुशी.
वनडे सीरीज से पहले धोनी की कप्तानी भले ही सवालों के घेरे में थी. लेकिन टी20 में धोनी सुल्तान की तरह जीत का परचम लहराते रहे हैं.
जिम्बाब्वे दौरे से पहले धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में 3-0 से हराया था. पहली बार ऑस्ट्रेलिया को अपने ही घर पर इतनी बड़ी हार मिली और ये कारनाम धोनी ने किया था.
इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया ने 3 मैच की टी20 सीरीज 2-1 से अपने नाम की. एशिया कप में भी धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने बिना एक भी मैच गंवाए खिताब जीता. और फिर टी20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया. इस साल टीम इंडिया ने 16 में से 13 टी20 मैच जीते जबकि सिर्फ 3 मैच हारे.
अब इस रिकॉर्ड को और बेहतर करने का वक्त आ गया है. टीम भले ही नई हो, लेकिन जिस अंदाज में इन युवा खिलाड़ियों ने वनडे सीरीज में कमाल किया है, उसे देखते हुए टी20 का ताज दूर नहीं है.
