बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड आज बीसीसीआई को आंख दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वो भूल गया कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने ही उन्हें टेस्ट स्टेटस दिलाया. नहीं तो उनके साथ कोई क्रिकेट भी नहीं खेलना चाहता था, तब भारत ने पड़ोसी देश के साथ पहला टेस्ट खेलकर उनकी मदद की थी. सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने ये टेस्ट 9 विकेट से जीता था. इसमें राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, अजीत अगरकर, जहीर खान आदि स्टार खिलाड़ी भी थे.
बांग्लादेश को टेस्ट स्टेटस दिलाने में भारत ने की मदद
बीसीसीआई के चीफ रह चुके जगमोहन डालमिया सं 2000 में आईसीसी के चीफ थे. उन्होंने सर्वसम्मति से वोटिंग करवाकर बांग्लादेश को टेस्ट स्टेटस दिलवाया था. उनके साथ कोई टेस्ट मैच नहीं खेल रहा था, तब भारतीय क्रिकेट टीम ने उनके साथ पहला टेस्ट खेला था.
इसमें बीसीसीआई ने भी उनकी मदद की थी. शुरुआत 1999 वनडे वर्ल्ड कप से हुई थी. यहां बांग्लादेश पहली बार इस बड़े टूर्नामेंट में खेल रही थी. उन्होंने स्कॉटलैंड को हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की. इसके बाद उन्होंने उस संस्करण की फेवरेट टीम में से एक पाकिस्तान को हराकर बड़ा उलटफेर भी किया. यह एक वजह थी, लेकिन पूरा जोर बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और तत्कालीन आईसीसी चीफ जगमोहन डालमिया ने लगाया. उन्होंने 2000 में बांग्लादेश को सर्वसम्मत वोट से टेस्ट खेलने का दर्जा हासिल करने वाला 10वां देश बनाने में मदद की.
इंग्लैंड का बांग्लादेश से टेस्ट होना था, लेकिन उन्होंने कारण बताते हुए इसे खेलने से मना कर दिया. तब भारत ने बांग्लादेश के साथ टेस्ट खेलकर उन्हें टेस्ट स्टेटस दिलवाया. ये टेस्ट 10-13 नवंबर को ढाका में खेला गया था, जिसमें भारत 9 विकेट से जीता था.
अभी क्यों हो रहा है विवाद?
बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार का भारत में तेजी से विरोध हुआ तो इसका असर आईपीएल पर भी पड़ा. बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर ने 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, इस कारण केकेआर और टीम के मालिक शाहरुख खान का विरोध हुआ तो बीसीसीआई ने मुस्तफिजुर को रिलीज करने का निर्देश दिया.
बीसीबी ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और फैसला किया कि वह अपने टी20 वर्ल्ड कप मैचों को भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने का अनुरोध करेंगे. बांग्लादेश ने आईपीएल मैचों के लाइव प्रसारण पर भी रोक लगा दी.
