मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का नाम इतिहास में दर्ज हो गया है. ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड चौथा एशेज टेस्ट मात्र 2 दिनों के भीतर समाप्त हो गया है. मेलबर्न टेस्ट को इंग्लैंड 4 विकेट से जीत गया है, मैच की चारों पारियों में कोई भी टीम 200 रनों का आंकड़ा नहीं छू सकी. यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में गेंदों के मामले में चौथा सबसे छोटा टेस्ट मैच रहा, जो केवल 852 गेंदों में समाप्त हो गया. 

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चौथा एशेज टेस्ट आलोचनाओं में घिरा हुआ है. इस मुकाबले को देखने 94,199 लोग आए थे, लेकिन 2 दिनों में ही उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया. मेलबर्न मैदान की पिच भी सवालों के घेरे में है और इंग्लैंड के दिग्गज क्रिकेटर केविन पीटरसन ने भारत का हवाला देकर कहा कि खराब पिच के चलते ऑस्ट्रेलिया की भी तीखी आलोचना की जानी चाहिए.

भारत में होता ऐसा, तो मच जाता हल्ला

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने चौथे एशेज टेस्ट के पहले दिन के खेल के बाद ट्वीट किया था. दरअसल मैच के पहले दिन 20 विकेट गिर गए थे, वहीं दूसरे दिन इंग्लैंड की चार विकेट की जीत से पहले 16 विकेट गिर चुके थे. मैच में केवल 142 ओवरों के खेल में खत्म हो गया.

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केविन पीटरसन ने कहा, "जब किसी टेस्ट मैच के पहले दिन धड़ाधड़ विकेट गिरते चले जाते हैं, तब भारत की खूब आलोचना होती है. मुझे उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया को भी उसी तरह की आलोचना का शिकार बनना पड़े. यही उचित होगा."

पूरे मैच में एक भी फिफ्टी नहीं

यह भी दिलचस्प तथ्य है कि मेलबर्न टेस्ट की चारों पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं देखने को मिला. मुकाबले में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 46 रन रहा, जो ट्रेविस हेड ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में बनाए थे. पूरे मैच में उनके अलावा हैरी ब्रूक और जैकब बैथेल ही 40 रनों का आंकड़ा पार कर पाए.

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