महिला क्रिकेट पिछले कुछ सालों में काफी लोकप्रिय हुआ है. अधिकतर देशों ने अपनी महिला क्रिकेटर्स का वेतन पुरुष वेतन के बराबर किया हुआ है. अब करियर के मौके भी बढ़े हैं. कई प्लेयर्स अपने करियर के दौरान बच्चे को जन्म देने के बाद क्रिकेट में वापसी करने सोचने लगी हैं. इस बीच इंटरनेशनल क्रिकेट कॉउंसिल ने प्रेगनेंसी के बाद खेल में वापसी करने को लेकर महिला क्रिकेटर्स के लिए गाइडलाइंस जारी की है.

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ICC ने गाइडलाइंस के जरिए सभी सदस्य बोर्ड के लिए अपना सिस्टम बताया है. इससे बोर्ड महिला प्लेयर्स को बच्चे के जन्म के बाद क्रिकेट में वापसी करने में मदद कर सकें. बच्चे के जन्म के 16 हफ्तों में रिकवरी, अनुकूलन और सुनियोजित अभ्यास होगा.

मेडिकल एडवाइजरी कमेटी द्वारा बनाई गई गाइडलाइंस के अनुसार बोर्ड हर प्लेयर के लिए एक खास मैनेजर नियुक्त करे, ट्रेंनिंग आसान करें, बच्चों की देखरेख और ट्रेवेल में मदद करें और सुनिश्चित करें कि प्रेग्नेंसी के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद मेडिकल सुविधाएं खिलाड़ी तक पहुंचे. ऑस्ट्रेलियाई डॉक्टर फिलिप्पा इंगे ने गाइडलाइंस बनाने वाली कमेटी की अगुवाई की.

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6 चरणों का मॉडल

रेडी, रिव्यू, रिस्टोर, रीकंडीशन, रिटर्न और रिफाइन के रूप में इसके 6 चरण हैं. इसमें महिला खिलाड़ी द्वारा बच्चे के जन्म के बाद रिकवरी और वापसी तक लगातार निगरानी के इरादे से प्रक्रिया बनाई है.

ICC चेयरमैन जय शाह ने इसको लेकर कहा, "महिला क्रिकेट की लगातार बढ़ती लोकप्रियता को मौके, सबको साथ लेकर चलने और खिलाड़ियों के जीवन और करियर के हर पड़ाव पर उनकी देखभाल के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए. किसी भी खिलाड़ी को मां बनने और देश के लिए सबसे ऊंचे स्तर पर खेलने में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए.

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"ICC की 'प्रेग्नेंसी के बाद खेल में वापसी' से जुड़ी गाइडलाइंस, खेल जगत में ज़्यादा सपोर्टिव और जानकारीपूर्ण माहौल बनाने की दिशा में एक अहम कदम हैं. सदस्यों को प्रैक्टिकल गाइडेंस देकर, हम यह पक्का करना चाहते हैं कि महिला क्रिकेटरों को प्रेग्नेंसी के दौरान सपोर्ट मिले और वे पूरे आत्मविश्वास के साथ क्रिकेट में वापसी कर सकें."