मैक्सवेल ने किया वॉर्नर की धीमी बल्लेबाजी का बचाव, कहा- बॉल की मूवमेंट के कारण ऐसा हो रहा है
ABP News Bureau | 11 Jun 2019 03:43 PM (IST)
वॉर्नर की स्लो बल्लेबाजी को लेकर उन पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं. वॉर्नर की पहचान तेजतर्रार ओपनर के तौर पर रही है.

World Cup 2019: बॉल टेंपरिंग विवाद के बाद ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने एक साल बाद वर्ल्ड कप से टीम में वापसी की है. वर्ल्ड कप में वॉर्नर अच्छी बल्लेबाजी तो कर रहे हैं, लेकिन पहले के मुकाबले उनका स्ट्राइक रेट काफी स्लो है. स्लो स्ट्राइक रेट के वजह से वॉर्नर की बल्लेबाजी को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं. हालांकि उनके साथी खिलाड़ी मैक्सवेल का मानना है कि गेंद की मूवमेंट और गेंदबाजों के अनुकूल परिस्थिति के कारण वॉर्नर विश्व कप में अब तक आक्रामक बल्लेबाजी नहीं कर पाए हैं. एक साल का बैन लगने से पहले 96.55 का स्ट्राइकर रेट रखने वाले वॉर्नर मौजूदा टूर्नामेंट में तेजी से रन नहीं बना पाए हैं. वह तीन मैचों में दो अर्धशतकों के साथ सबसे अधिक रन बनाने के मामले में छठे नंबर पर हैं. न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन और वॉर्नर 100 या उससे अधिक रन बनाने वाले दो ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनका स्ट्राइक रेट 80 से कम है. भारत के खिलाफ रविवार को भी वॉर्नर 84 गेंदों पर केवल 56 रन बना पाए. उनका स्ट्राइकर रेट 66.67 का रहा. यह उनके करियर का सबसे धीमा अर्धशतक लगाया. मैक्सवेल ने कहा, "शायद परिस्थिति या शायद गेंद इसका कारण हो सकती है." मैक्सवेल ने कहा, "गेंद में मेरी उम्मीद से ज्यादा मूवमेंट है. हम 500 जैसे बड़े स्कोर और गेंद को हर दिशा में मारने की उम्मीद कर रहे थे. लेकिन 5-10 ओवर होते ही गेंद स्विंग होना शुरू हो गई." वॉर्नर ने इस साल हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में हैदराबाद के लिए खेलते हुए 12 मैचों में 692 रन जड़े थे.