मुंबई: भारतीय कप्तान विराट कोहली ने तीसरे और चौथे टेस्ट के बीच एक सप्ताह लंबे ब्रेक को अच्छा बताते हुए कहा कि इससे टीम को फायदा हुआ है लेकिन यह भी कहा कि श्रृंखला जीतने की ओर अग्रसर उनकी टीम के पैर जमीन पर ही हैं.

 

कोहली ने कहा,‘‘ हमने ब्रेक नहीं मांगा था. यह शेड्यूल का हिस्सा था लिहाजा हमने यह सुनिश्चित किया कि जब हम इंग्लैंड जायेंगे तो तीन टेस्ट के बीच आठ दिन का ब्रेक और वनडे तथा टेस्ट श्रृंखला के बीच 25 दिन का ब्रेक होगा.’’ उन्होंने कहा,‘‘आगे सत्र काफी लंबा है लिहाजा इस ब्रेक से हमें नुकसान नहीं हुआ बल्कि फायदा ही हुआ है. हम अधिक तरोताजा होकर आखिरी दो टेस्ट खेलेंगे.’’ यह पूछने पर कि दोस्तों और परिवार से मिलना कितना जरूरी होता है, उन्होंने कहा,‘‘यह बहुत जरूरी है क्योंकि श्रृंखला के बीच ब्रेक में जब आप घर जाते हैं तो आप उस पर से ध्यान नहीं हटा सकते बल्कि हर समय उसी के बारे में सोचते रहते हैं.’’ 

 

उन्होंने कहा,‘‘ बतौर कप्तान आपके दिमाग में यही चलता रहता है कि विकेट कैसा होगा, टीम संयोजन क्या रहेगा. ऐसे में अपने पेशे से अलग जिंदगी का लुत्फ उठाना भी जरूरी होता है.’’ उन्होंने कहा ,‘‘ इस स्तर पर सभी पेशेवर क्रिकेटर हैं और इस बात को समझते हैं. इसलिये मुंबई लौटने के बाद सभी अ5यास में जुट गए. यह तभी संभव है जब आप मानसिक रूप से तरोताजा हो और फिर अ5यास को लेकर जोश जाग जाता है.’’ 

 

यह पूछने पर कि क्या इस ब्रेक से भारत की लय टूट जायेगी, कोहली ने ना में जवाब दिया. यह पूछने पर कि क्या भारत को इस तरह का ब्रेक मिलना चाहिये , उन्होंने कहा ,‘‘ बिल्कुल. या हम इंग्लैंड से एक महीने के लिये वापिस आ जायेंगे. हम साढे तीन महीने वहां खेले और हमारी हर गतिविधि मीडिया की नजरों में रहे, इसका कोई तुक नहीं है. मैदान से इतर भी हम मीडिया की सुखिर्यों में बने रहेंगे.’’ उन्होंने कहा,‘‘ दुबई में उनकी छुट्टियों के दौरान मीडिया में कोई खबर नहीं आई. मैं भी चाहूंगा कि ऐसा ही हो. या तो वे पूरे दौरे पर रूके या हम 25 दिन के लिये आ जायें.’’