क्रिकेट की दुनिया में हर दौर में नए रिकॉर्ड बनते हैं और कई पुराने रिकॉर्ड टूट भी जाते हैं. हालांकि कुछ रिकॉर्ड ऐसे हैं, जो समय के साथ और भी मजबूत होते चले गए हैं. इन रिकॉर्ड्स को देखकर यही लगता है कि इन्हें तोड़ना तो दूर, इनके आसपास पहुंच पाना भी किसी चमत्कार से कम नहीं है. क्रिकेट इतिहास में ऐसे ही चार महारिकॉर्ड हैं, जो आज भी खिलाड़ियों और फैंस को हैरान करते हैं.
जैक हॉब्स के 199 शतक: फर्स्ट क्लास क्रिकेट का पहाड़
इंग्लैंड के महान बल्लेबाज जैक हॉब्स का नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. हॉब्स ने अपने लंबे करियर में 834 फर्स्ट क्लास मैच खेले और 199 शतक जड़ दिए. यह आंकड़ा आज के समय में लगभग अछूता सा लगता है. हॉब्स ने 29 साल तक क्रिकेट खेला और 61 हजार से ज्यादा रन बनाए. आधुनिक क्रिकेट में जहां खिलाड़ी सीमित मैच खेलते हैं और फॉर्मेट बदलते रहते हैं, वहां 199 शतक तक पहुंचना नामुमकिन जैसा लगता है.
डॉन ब्रैडमैन का 99.94 का टेस्ट औसत
ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन को यूं ही क्रिकेट का सबसे महान बल्लेबाज नहीं कहा जाता. उनका टेस्ट क्रिकेट में औसत 99.94 रहा, जो आज तक कोई भी बल्लेबाज छू नहीं पाया. 52 टेस्ट मैचों में लगभग 100 की औसत से रन बनाना किसी सपने जैसा है. हालांकि ब्रैडमैन अपने करियर की आखिरी पारी में शून्य पर आउट हो गए थे. वो मात्र 4 रन और बना लेते, तो उनका औसत 100 हो जाता. आज के दौर में जहां 50 का औसत भी बहुत बड़ी बात मानी जाती है, वहां 99.94 तक पहुंचना असंभव नजर आता है.
रोहित शर्मा के वनडे में तीन दोहरे शतक
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में वो कर दिखाया, जो दुनिया का कोई और बल्लेबाज नहीं कर सका. रोहित ने वनडे में तीन दोहरे शतक लगाने का कारनामा किया है. इतना ही नहीं, उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 264 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बनाया. आज तक कोई भी बल्लेबाज वनडे में तीन डबल सेंचुरी नहीं लगा पाया है, जिससे यह रिकॉर्ड भी बेहद खास बन जाता है.
जिम लेकर टेस्ट में 19 विकेट लेने का कारनामा
इंग्लैंड के दिग्गज स्पिनर जिम लेकर ने 1956 में एक टेस्ट मैच में 19 विकेट चटका दिए थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ यह कारनामा किया था. लेकर ने अपनी पहली पारी में 9 और दूसरी पारी में 10 विकेट लिए, जो आज भी एक सपना सा लगता है. किसी गेंदबाज को इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए दोनों पारियों में लगभग परफेक्ट गेंदबाजी करनी होगी, जो मौजूदा क्रिकेट में बेहद मुश्किल है.