दुनिया में कई ऐसे क्रिकेटर रहे, जिन्हें अनलकी कहना गलत नहीं होगा. ऐसे बहुत सारे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका नहीं मिला. हालांकि, भारत का एक ऐसा भी क्रिकेटर रहा है, जिसने अपने डेब्यू मैच में अर्धशतक लगाया. भारत ने यह मैच भी जीता, लेकिन दोबारा कभी इस खिलाड़ी को मौका नहीं मिला. जी हां, यह कहानी है फैज फजल की.
फैज फजल ने घरेलू क्रिकेट विदर्भ और रेलवे के लिए खेला. 2015-16 के घरेलू सीजन में फैज फजल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 44.62 के औसत से 714 रन बनाए, जिसमें तीन शतक शामिल रहे. वहीं अपने फर्स्ट क्लास करियर में उन्होंने 138 मैचों में 41 के औसत से 9,184 रन बनाए.
30 साल की उम्र में फैज फजल ने जिम्बाब्वे दौरे पर अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. उस समय वह 16 वर्षों में पहले भारतीय खिलाड़ी थे, जिन्होंने 30 साल की उम्र में वनडे में डेब्यू किया था. 15 जून, 2016 को हरारे में खेले गए एकमात्र वनडे में फजल ने 125 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 61 गेंदों में 55* रन बनाए. दूसरे छोर पर केएल राहुल (70 गेंदों में 63* रन) थे.
डेब्यू मैच में फिफ्टी जड़ने के बाद भी फैज को दोबारा कभी मौका नहीं मिला. फजल ने आखिरकार फरवरी 2021 में संन्यास ले लिया. उस समय उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा था, "कल एक युग का अंत हो रहा है, जब मैं आखिरी बार नागपुर के मैदान पर कदम रखूंगा, जहां 21 अविश्वसनीय साल पहले मेरे प्रथम श्रेणी क्रिकेट के सफर की शुरुआत हुई थी."
उनकी कप्तानी में विदर्भ ने इतिहास रचते हुए 2017-18 और 2018-19 में लगातार रणजी ट्रॉफी और ईरानी कप का खिताब जीता. वह टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज थे. फैज को डोमेस्टिक क्रिकेट का बेस्ट ओपनर कहा जाता था. हालांकि, वह भारत के लिए सिर्फ एक वनडे मैच ही खेल सके.
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