हैदराबाद: इंग्लैंड के खिलाफ पांचवे और आखिरी टेस्ट मैच में शानदार तिहरा शतक जड़ने के बावजूद करुण नायर को बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए टीम में शामिल नहीं किया. नायर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जो अपने आखिरी मैच में तिहरा शतक और पूरी तरह से फिट होने बाद भी टीम के प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं पा सके.
टीम प्रबंधन और कप्तान विराट कोहली को लगता है कि अजिंक्य रहाणे के पिछले दो साल के निरंतर योगदान की अनदेखी नहीं की जा सकती.
करूण से पहले केवल तीन खिलाड़ियों ने ही तिहरा शतक जड़ने के बाद अगले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाए. एंडी संधाम वेस्टइंडीज के खिलाफ 1925 में जमैका में हुए ‘टाइमलैस’ टेस्ट के दौरान 40 साल के थे. वह अपना 14वां टेस्ट खेल रहे थे और उन्होंने 325 रन बनाये थे. मैच नौवें दिन खत्म हुआ था क्योंकि तब एमसीसी के नाम से जानी जाने वाली इंग्लैंड की टीम को जहाज पकड़ना था.
संधाम इसके बाद चोटिल हो गये और फिर इससे उबर नहीं सके जिससे उनका टेस्ट कैरियर समाप्त हो गया. तिहरा शतक जड़ने के बाद अगले टेस्ट की टीम में शामिल नहीं हो पाने वाले अन्य दो क्रिकेटर सर लेन हटन और इंजमाम उल हक हैं लेकिन दोनों ही खिलाड़ी पूरी तरह से फिट नहीं थे.
हटन ने अगस्त 1938 में एशेज टेस्ट में ओवल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 364 रन बनाये थे और फिर इसी साल दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अगला टेस्ट खेले थे. इंजमाम ने मई 2002 में लाहौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ 329 रन की पारी खेली थी और फिर नवंबर 2002 में हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना अगला टेस्ट मैच खेला.