Coronavirus: कोरोना वायरस के कहर की वजह से इस साल जुलाई-अगस्त में होने वाले टोक्यो ओलंपिक खेलों के टलने की संभावना काफी बढ़ गई है. ब्रिटिश ओलंपिक संघ के प्रमुख ने साफ किया है कि वह ऐसे हालात अपने खिलाड़ियों को ओलंपिक में नहीं भेजेंगे. जर्मनी और न्यूजीलैंड ने भी अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से इस साल होने वाले आयोजन को रद्द करने की अपील की है.

बीओए प्रमुख ह्यूज राबर्टसन ने कहा, ''एथलीट को एक साथ अभ्यास करने में असमर्थता हो रही. ब्रिटेन में आने वाले हफ्तों में कोरोना वायरस की स्थिति और खराब होने की आशंका है जिससे 24 जुलाई से शुरू होने वाले खेलों के लिए टीम को जापान भेजने की बहुत कम संभावना है.''

कनाडा, अमेरिका पीछे हट चुके हैं.

न्यूजीलैंड एथलीट आयोग ने देश के खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया जानने के लिये सर्वे किया था. न्यूजीलैंड ओलंपिक समिति के सीईओ कारेन स्मिथ ने टोक्यो ओलंपिक को टालने का समर्थन करने के उनके फैसले का स्वागत किया. स्मिथ ने कहा, ''हमारी पहली और प्रमुख प्राथमिकता खिलाड़ी हैं. यह हमारे लिये महत्वपूर्ण है कि हम उन्हें बात करने का मौका दें. हम उनके हर परिस्थिति के लिये तैयार रहने के जज्बे का सम्मान करते हैं. हम जानते हैं कि इस बदलाव से गुजरना आसान नहीं होगा.''

जर्मनी के राष्ट्रीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अल्फोंस होर्मन ने टोक्यो ओलंपिक को एक साल के लिए टालने की मांग की है. इतना ही नहीं उन्होंने इस मामले में लचर रूख अख्तियार करने पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को फटकार लगाई.

कनाडा और आस्ट्रेलिया पहले ही साफ कर चुके हैं कि इस महामारी के कारण बनी गंभीर स्थिति को देखते हुए वे अपने खिलाड़ियों को ओलंपिक के लिये नहीं भेजेंगे. वहीं ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने जा रहे जापान का कहना है कि वह हालात के मद्देनज़र ही कोई फैसला लेगा.

Olympic संघ को इस देश ने दिया कड़ा संदेश, खेलों में खिलाड़ी नहीं भेजने का फैसला किया