भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही अपने खेल से क्रिकेट की दुनिया का ध्यान खींच लिया है. अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली भी वैभव के खेल के फैन हो गए हैं. उन्होंने वैभव की उम्र को लेकर होने वाली बहस को बेवजह बताया है. ब्रेट ली ने कहा कि लोगों को वैभव की उम्र पर चर्चा करने के बजाय उनके खेल पर ध्यान देना चाहिए. उनके मुताबिक, अगर वैभव 15 साल के हैं तो यह शानदार बात है और अगर उनकी उम्र 17 या 18 साल भी होती, तो इससे उनके क्रिकेट खेलने की काबिलियत नहीं बदलती. ली ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वैभव की उम्र कितनी है. वह सिर्फ इतना देखते हैं कि इस युवा बल्लेबाज में क्रिकेट खेलने की शानदार क्षमता है.
उन्होंने कहा, 'वह अविश्वसनीय है. भारत के बाहर हर कोई पूछता है कि क्या वह सच में 15 साल का है. मुझे फर्क नहीं पड़ता कि उसकी उम्र कितनी है. यह लड़का क्रिकेट खेलना जानता है.'
तेज गेंदबाजों के सामने नहीं घबराते वैभव
ब्रेट ली ने वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने खास तौर पर तेज गेंदबाजों के खिलाफ वैभव के आत्मविश्वास को पसंद किया. आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वैभव की 97 रन की पारी ने ली को काफी प्रभावित किया. उन्होंने बताया कि उस मैच में तेज गेंदबाज लगातार अपनी रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन वैभव ने शॉर्ट गेंदों के सामने भी अपना अंदाज नहीं बदला. ली के मुताबिक, वैभव सिर्फ ताकत के दम पर बड़े शॉट नहीं लगाते. वह सही क्रिकेटिंग शॉट खेलकर भी तेजी से रन बनाते हैं.
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शोहरत को संभालना होगी सबसे बड़ी चुनौती
ब्रेट ली ने वैभव के लिए एक जरूरी सलाह भी दी. उन्होंने कहा कि इस उम्र में इतनी ज्यादा चर्चा और उम्मीदों को संभालना युवा बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी. ली ने कहा कि वैभव की बल्लेबाजी या फॉर्म उनकी सबसे बड़ी चिंता नहीं है. उन्हें अपने दिमाग और बढ़ती शोहरत को संभालना सीखना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट और आसपास के लोगों को वैभव पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए और उन्हें अभी एक बच्चे की तरह अपनी जिंदगी जीने का मौका देना चाहिए.
वैभव के खिलाफ गेंदबाजी करते तो क्या करते ली?
ब्रेट ली से जब पूछा गया कि अगर वह अपने खेल के दिनों में वैभव के खिलाफ गेंदबाजी करते तो क्या रणनीति अपनाते, तो उन्होंने साफ जवाब दिया. ली ने कहा कि वह पहले वैभव की बल्लेबाजी को ध्यान से देखते. इसके बाद वह उनके शरीर को निशाना बनाकर बाउंसर डालते. अगर वैभव उस गेंद पर छक्का भी लगा देते, तो ली पीछे नहीं हटते और अगली गेंद पर फिर उनकी परीक्षा लेते. आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव को भारतीय टी20 टीम में भी मौका मिला. इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी की और प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता.
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