BCCI मीटिंग में हो सकता है बवाल, अगरकर-लक्ष्मण में हो सकता है घमासान
भारतीय टीम के चयन, आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ हार जैसे कई अहम मुद्दे 3 सितंबर को BCCI की बैठक में सामने आ सकते हैं. इस बैठक में अजीत अगरकर, वीवीएस लक्ष्मण और गौतम गंभीर के मौजूद रहने की संभावना है.

भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की लगातार चोट और टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को लेकर गुरुवार को मुंबई में होने वाली बीसीसीआई की अहम बैठक में कई बड़े सवाल उठ सकते हैं. बैठक में हेड कोच गौतम गंभीर से टीम के प्रदर्शन पर जवाब मांगा जा सकता है, वहीं खिलाड़ियों की फिटनेस और बार-बार सामने आ रही इंजरी को लेकर चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड वीवीएस लक्ष्मण के बीच तीखी चर्चा देखने को मिल सकती है.
भारतीय क्रिकेट टीम के हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर गुरुवार को मुंबई में बीसीसीआई की अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, सीनियर पुरुष चयन समिति के चेयरमैन अजीत अगरकर, टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड वीवीएस लक्ष्मण के शामिल होने की संभावना है.
बैठक में टीम इंडिया के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के प्रदर्शन की समीक्षा की जा सकती है. आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली हार और इंग्लैंड दौरे पर टी20 सीरीज में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर हेड कोच गौतम गंभीर से सवाल-जवाब हो सकते हैं. टीम मैनेजमेंट से यह जानने की कोशिश की जा सकती है कि आखिर इन दोनों दौरों पर भारतीय टीम से कहां चूक हुई और आने वाले बड़े टूर्नामेंट से पहले इन कमियों को किस तरह दूर किया जाएगा.
खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे बड़ा मुद्दा
बैठक का सबसे अहम मुद्दा भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस हो सकता है. हाल के समय में लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने और टीम में बार-बार रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ने से चयनकर्ताओं की परेशानी बढ़ी है. सूत्रों के मुताबिक, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर खिलाड़ियों की लगातार सामने आ रही फिटनेस समस्याओं को लेकर नाराज हैं. ऐसे में बैठक के दौरान उनकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड वीवीएस लक्ष्मण के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. सवाल इस बात को लेकर है कि खिलाड़ी रिहैब और फिटनेस प्रक्रिया से गुजरने के बावजूद दोबारा चोटिल क्यों हो रहे हैं.
जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वाशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस हाल के महीनों में भारतीय टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के लिए चिंता का विषय रही है. सवाल यह भी उठ सकता है कि किसी खिलाड़ी को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए तैयार घोषित करने से पहले उसकी मैच फिटनेस को किस स्तर तक परखा जा रहा है.
हार्दिक पांड्या की फिटनेस पर भी उठ सकता है सवाल
हार्दिक पांड्या का मामला इस चर्चा में अहम हो सकता है. अफगानिस्तान के खिलाफ जून में खेली गई वनडे सीरीज के लिए हार्दिक को भारतीय टीम में चुना गया था, लेकिन उनका चयन फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन था. बाद में क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण वह सीरीज से बाहर हो गए. हार्दिक की फिटनेस लंबे समय से भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. ऐसे में बैठक में यह सवाल भी उठ सकता है कि उनकी रिकवरी में लगातार देरी क्यों हो रही है और उन्हें पूरी तरह मैच फिट होने में इतना समय क्यों लग रहा है. हार्दिक को अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में भी स्थान नहीं मिला है.
नितीश कुमार रेड्डी और दूसरे खिलाड़ियों के साथ भी फिटनेस की समस्या लगातार सामने आती रही है. ऐसे में चयन समिति यह स्पष्टता चाह सकती है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से लौटने वाले खिलाड़ियों के लिए रिटर्न-टू-प्ले प्रक्रिया को और मजबूत करने की जरूरत है या नहीं.
अफगानिस्तान T20 सीरीज में चार खिलाड़ी 'Subject to Fitness'
इस बहस को और अहम बनाती है अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम. बीसीसीआई ने जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वाशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी को टीम में शामिल तो किया है, लेकिन इन चारों की उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर है.
ऐसे में चयन समिति के सामने सवाल है कि एक ही टीम में चार खिलाड़ियों को 'Subject to Fitness' चुनने की नौबत क्यों आई? क्या खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चयनकर्ताओं और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है? और अगर कोई खिलाड़ी अभी 100 प्रतिशत फिट नहीं है तो उसके चयन पर फैसला कब और किस आधार पर किया जाना चाहिए?
लक्ष्मण बता चुके हैं कैसे मिलता है फिटनेस क्लीयरेंस
वीवीएस लक्ष्मण हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों की रिहैब और फिटनेस प्रक्रिया को लेकर विस्तार से बात कर चुके हैं. लक्ष्मण के मुताबिक, किसी खिलाड़ी के चोटिल होने के बाद प्रक्रिया उसकी चोट की पहचान से शुरू होती है और रिटर्न-टू-प्ले मुकाबलों के बाद उसे फिट घोषित किए जाने तक चलती है.
इसके बावजूद लगातार सामने आ रही चोटों ने इस पूरी प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया है. चयनकर्ताओं के लिए परेशानी यह भी है कि किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर उन्हें सीरीज के बीच में रिप्लेसमेंट का ऐलान करना पड़ता है और टीम कॉम्बिनेशन भी प्रभावित होता है. यही वजह है कि गुरुवार की बैठक सिर्फ टीम इंडिया के प्रदर्शन की समीक्षा तक सीमित नहीं रह सकती. खिलाड़ियों की फिटनेस, रिहैब, वर्कलोड मैनेजमेंट और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मिलने वाले क्लीयरेंस को लेकर भी गंभीर चर्चा होने की संभावना है.
अब नजर इस बात पर होगी कि बैठक में बीसीसीआई टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन और लगातार बढ़ रही फिटनेस समस्याओं को लेकर क्या कदम उठाता है. खास तौर पर अजित अगरकर और वीवीएस लक्ष्मण के बीच फिटनेस और खिलाड़ियों के क्लीयरेंस के मुद्दे पर होने वाली चर्चा इस बैठक का सबसे अहम पहलू बन सकती है.



















