भारतीय टेस्ट क्रिकेट अभी ट्रांजिशन दौर में है, क्योंकि रोहित, कोहली, आश्विन आदि सीनियर्स प्लेयर्स इस फॉर्मेट को अलविदा कह चुके हैं. बीसीसीआई भी टेस्ट के लिए एक व्यवस्थित सिस्टम बनाने की तैयारी कर रहा है. बोर्ड बुनियादी चीजों को ठीक करना चाहता है, ताकि अच्छे नतीजे आएं. इस प्लान में वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं, जो हाल ही में 15 साल के हुए हैं. 

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आईपीएल में तूफानी पारी से चर्चा में आए वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 और डोमेस्टिक में भी प्रभावित किया है. उन्हें टीम इंडिया में शामिल करने की मांग उठ रही है. वैभव के आलावा आयुष म्हात्रे, समीर रिजवी आदि प्लेयर्स भी हैं, जिनको तैयार करने के लिए बीसीसीआई ने खास प्लान बनाया है. इसका नेतृत्व बीसीसीआई का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस कर रहा है.

युवा खिलाड़ियों के लिए खास टूर्नामेंट

पीटीआई की खबर के अनुसार, बीसीसीआई जून-जुलाई में 4 दिवसीय टूर्नामेंट का आयोजन करने जा रहा है, जिसमें 64 प्लेयर्स खेलेंगे. 25 साल से कम के प्लेयर्स इसमें खेलेंगे और टूर्नामेंट के मैच अलग-अलग पिचों पर होंगे. इसका मकसद खिलाड़ियों की तकनीक, क्षमता और धैर्य को परखना है.

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बीसीसीआई इस टूर्नामेंट के जरिए अगले 10 साल के लिए टेस्ट टीम का मजबूत पूल तैयार करना चाहता है. इसमें 25 प्लेयर्स रणजी और घरेलू सर्किट से चुने जाएंगे, 25 जूनियर क्रिकेट (सीके नायडू ट्रॉफी, कूच बिहार ट्रॉफी) से चुने जाएंगे. बाकी प्लेयर्स आईपीएल से चुने जाएंगे.

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और चीफ सेलेक्टर इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जो बताता है कि ये टीम इंडिया के भविष्य के लिए खास प्लान है. खबर के मुताबिक टीमों का चयन भी इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन के आधार पर होगा. आईपीएल का 19वां संस्करण जारी है, जिसके समापन के बाद भारतीय अंडर-19 और इमर्जिंग टीम चार दिवसीय मैच खेलने के लिए श्रीलंका जाएगी.

गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम ने वनडे और टी20 में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में टीम उतना अच्छा नहीं कर पाई. 12 साल से घर पर नहीं हारने वाली टीम इंडिया न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से टेस्ट सीरीज हारी.