कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में क्रिकेट टूर्नामेंट्स ठप पड़ गए हैं. एक के बाद एक क्रिकेट सीरीज रद्द होने की वजह से संबंधित देशों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. पिछले हफ्ते इसी के मद्देनज़र आईसीसी की सीईसी मीटिंग का आयोजन किया गया था. बैठक के बाद जानकारी सामने आई थी कि दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई नुकसान की भरपाई के लिए खास प्लान पर काम कर सकता है.
ऐसी जानकारी सामने आई है कि सीईसी मीटिंग में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे जय शाह ने अपने विचारों से सबको प्रभावित किया. एक अधिकारी ने कहा है कि जय शाह ने मीटिंग में साफ किया है बीसीसीआई अहम योगदान देने की कोशिश करेगा.
दरअसल भारी नुकसान की भरपाई के लिए आईसीसी की नज़रें भी भारत पर हैं. अधिकारी ने कहा, ''यह एक साफ मैसेज था कि बीसीसीआई एक दोस्त है, जो सभी की मदद करने के लिए तैयार है और यह ठीक वैसा ही जिसे इस समय आईसीसी की जरूरत है.''
एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऐसे मुश्किल वक्त में नुकसान की भरपाई के लिए बीसीसीआई और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को साथ आने की जरूरत है. इसके साथ ही जिस तरह से हालात बने हैं उनमें बीसीसीआई को एक मजबूत नेतृत्व के तौर पर सामने आने की जरूरत है.
इसके अलावा नुकसान की भरपाई के लिए दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग आईपीएल के अब बाकी देशों को भी पहले से ज्यादा जरूरत है. बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा है कि बिना दर्शकों के टेस्ट मैच नहीं हो सकते क्योंकि उससे कोई कमाई नहीं होगी. अधिकारी ने कहा है कि आईपीएल की फीस से बाकी देशों को भी 10 फीसदी हिस्सा मिलेगा जो कि नुकसान की भरपाई में अहम भूमिका निभा सकता है.
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