नई दिल्लीः टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले को टीम इंडिया के नया कोच बनाया गया है. आपके चैनल एबीपी न्यूज़ ने मंगलवार को ही बता दिया था कि कुंबले टीम इंडिया के कोच बनेंगे. कुंबले अगले एक साल तक टीम इंडिया के कोच रहेंगे. कोच के लिए के लिए मुख्य रुप से कुंबले और टीम के पूर्व डायरेक्टर रवि शास्त्री के बीच टककर थी जिसमें कुंबले ने एडवाइजरी कमिटी के सदस्य सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण को काफी प्रभावित किया. दिन भर चले मीटिंग के बाद बीसीसीआई अधयक्ष अनुराग ठाकुर ने कुंबले के नाम की घोषणा. अनिल कुंबले के पास टीम के लिए अलग से बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग कोच चुनने की आजादी होगी.
कुंबले अगले महीने भारतीय टीम के वेस्टइंडीज दौरे से ही नयी जिम्मेदारी संभालनी होगी. भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आज यह घोषणा की. इस 45 वर्षीय पूर्व लेग स्पिनर को पूर्व टीम निदेशक रवि शास्त्री, ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी और स्टुअर्ट लॉ पर तरजीह दी गयी. कुंबले का चयन बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति की सिफारिश पर किया गया है जिसमें इस लेग स्पिनर के तीन पूर्व साथी सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण शामिल थे.
इस समिति ने मंगलवार को कोलकाता में दस घंटे तक चले सत्र में कुंबले सहित अन्य उम्मीद्वारों के इंटरव्यू लिये थे. बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बीसीसीआई बहुत पारदर्शी है. हमने मानक तय किये थे. इसके लिये क्रिकेट सलाहकार समिति भी थी. वे पूरी प्रक्रिया से गुजरे, साक्षात्कार लिये और कुछ नामों की सिफारिश की. विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा के बाद हमने अगले एक साल के लिये अनिल कुंबले को भारतीय क्रिकेट टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त करने का फैसला किया.’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह भारतीय या विदेशी से जुड़ा मसला नहीं है यह इस पद के लिये सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति से जुड़ा है. मेरा मानना है कि हमने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की सेवाएं ली हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट की सेवा की. ऐसी कोई सीमा नहीं थी कि हमें केवल भारतीय कोच ही चाहिए. हम भारतीय टीम के लिये सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति को चाहते थे. ’’
कुंबले का चयन उन 57 उम्मीद्वारों में से किया गया है जिन्होंने बीसीसीआई के विज्ञापन के बाद इस पद के लिये आवेदन किया था. बाद में इस सूची को 21 उम्मीद्वारों तक सीमित कर दिया गया था.
भारत की तरफ से सर्वाधिक विकेट लेने और विकेट लेने के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुथैया मुरलीधरन और शेन वार्न के बाद तीसरे नंबर पर काबिज कुंबले पिछले कुछ दिनों से कोच पद के प्रबल दावेदार बन गये थे हालांकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग का कोई अनुभव नहीं है. कुंबले आईपीएल टीमों जैसे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर और मुंबई इंडियन्स के मेंटर रहे हैं. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में उनका अपार अनुभव उनके पक्ष में गया. इस पूर्व लेग स्पिनर ने अपने लगभग दो दशक के करियर में 132 टेस्ट मैच और 271 वनडे मैच खेले. कुंबले ने टेस्ट मैचों में 619 विकेट और वनडे में 337 विकेट लिये. इस तरह से दोनों प्रारूपों में उनके नाम पर 956 विकेट दर्ज हैं.
यह लेग स्पिनर इंग्लैंड के जिम लेकर के बाद अकेले ऐसा गेंदबाज है जिसने किसी एक टेस्ट पारी में दस विकेट लिये. ठाकुर ने कहा कि अन्य सहयोगी स्टाफ की घोषणा बाद में की जाएगी. कुंबले का अंतरराष्ट्रीय कोच के रूप में अनुभव की कमी के बावजूद उन्हें कोच नियुक्त करने के फैसले के सवाल पर ठाकुर ने कहा कि इस पूर्व स्पिनर का रिकॉर्ड ही सब कुछ बयां करता है कि वह इस पद के लिये कितने उपयुक्त व्यक्ति है. बीसीसीआई प्रमुख ने कहा कि एक साल बाद कुंबले के काम की समीक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘वह भारत के लिये मैच विजेता रहे हैं. उनका रिकॉर्ड शानदार है और जब भारत के लिये मैच जीतने की बात आती है तो रिकॉर्ड खुद ही अनिल कुंबले की कहानी बयां करते हैं. एक साल बाद उनके प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी. ’’
कुंबले का अनुभव –
अनिल कुंबले के पास 132 टेस्ट और 271 वनडे मैचों का जबर्दस्त अनुभव है. उनके नाम सबसे अधिक टेस्ट विकेट लेने का भारतीय रिकॉर्ड दर्ज है साथ ही टेस्ट की एक पारी में 10 विकेट लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी संयुक्त रूप से उनके नाम है. इतना ही नहीं खेल के प्रति उनका समर्पण और हौसला देखने लायक रहता था. कुंबले के पास आईपीएल की दो मजबूत टीमों के कोच के रूप में काम करने का अनुभव भी है.
