कानपुरः टीम इंडिया के ऐतिहासिक 500वें टेस्ट मैच के तीसरे दिन ग्रीम पार्क के मैदान पर वो गेंद देखने को मिला जिसे देख कर हर कोई हैरान है. एक ऐसी गेंद जिसे क्रिकेट में 23 साल बाद दुबारा देखने को मिला. अश्विन ने केन विलियमसन को इसी गेंद पर पवेलियन की राह दिखाई. 

 

अश्विन की इस गेंद ने विश्व के बहेतरीन बल्लेबाजों में से एक केन विलियमसन को भी हैरान कर दिया. अश्विन की ये गेंद करीब 45 डिग्री घूमी. ये गेंद ऑफ स्टंप से करीब डेढ फिट बाहर गिरी और जबरदस्त टर्न के साथ मिडिल-ऑफ स्टंप की गिल्लियां बिखेर गई. 

 

पर इस चमत्कारी गेंद के पीछ वो दर्द भी है जिस अश्विन ने अपने ऊपर हावी होनें नहीं दिया. इस गेंद के बाद अश्विन की उंगली की चमड़ी भी उधड़ गई. अश्विन की उंगली से खून भी निकल रहा था. बावजूद इसके उन्होंने अपनी लाइन – लेंथ को भटकने नहीं दिया. अश्विन ने पहली पारी में 93 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए. उन्होंने लैथम, सैंटनर और वॉटलिंग को भी चलता किया लेकिन विलियमसन का विकेट उनकी गेंदबाजी को एक अलग स्तर पर ले गया.

  

23 साल बाद दिखा चमत्कार !

 

ये कुछ ऐसी ही गेंद थी जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अपनी अलग पहचान बना लेती है. 

23 साल पहले शेन वॉर्न ने कुछ इसी तरह से एशेज सीरीज के दौरान माइक गेटिंग को आउट किया था. जिसे बॉल ऑफ द सेंचुरी कहा जाता है. अंतर इतना है कि वॉर्न की गेंद लेग स्टंप से बाहर पिच हुई जबकि अश्विन की गेंद ऑफ स्टंप के बाहर गिरी. लेग स्पिनर और ऑफ स्पिनर की लेंथ अलग है लेकिन इसका असर एक जैसा ही.  

 

आया ‘बवंडर हुआ’सरेंडर !

 

अश्विन की इस गेंद ने मैच का रूख पलट कर रख दिया. न्यूजीलैंड के बल्लेबाजी की दीवार ढह चुकी थी. इसके बाद टीम इंडिया के न्यूजीलैंड पर हावी होने का सिलसिला शुरू हुआ. एक के बाद एक न्यूजीलैंड के 9 विकेट गिरे और न्यूजीलैंड की पूरी टीम 262 रन पर सिमट गई. एक बार फिर टीम इंडिया ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. लेकिन दिन का सबसे यादगार पल रहा विलियमसन का विकेट और अश्विन की सबसे शानदार गेंद.