क्या आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से क्रिकेट खेला जा सकता है. क्या अब क्रिकेट के खेल को AI टेकओवर करने वाला है. आखिर गेंद और बल्ले के खेल में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कैसे काम आएगा और इसका इस्तेमाल कैसे होगा? यहां लोग ऐसे सवालों के इर्दगिर्द घिरे हैं, वहां इंग्लैंड में खिलाड़ियों ने एआई चिप वाली गेंदों से ट्रेनिंग शुरू कर दी है.

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दरअसल ब्रिटेन में स्मार्ट क्रिकेट गेंदों का इस्तेमाल हो रहा है, जिनमें एआई चिप लगी होती है. गेंद में सेंसर लगा होता है, जो ना केवल बॉल की रफ्तार बल्कि गेंद किस दिशा में जाने वाली थी और उसने कहां से कांटा बदला, इस सबका डेटा इकट्ठा करता  है. साथ ही यह स्मार्ट गेंद अपने आप पता लगा लेती है कि बल्लेबाज ने किस रफ्तार से बल्ला घुमाया.

हाल ही में पूर्व क्रिकेटर शेन वॉटसन और एबी डिविलियर्स भी चर्चा में रहे, जो एक स्पोर्ट्स साइंस कंपनी के लिए सुपर कोच बने हैं. टेक्नोलॉजी की मदद से खिलाड़ी अपनी मूवमेंट और तकनीक को बेहतर कर रहे हैं.

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सबसे गजब की बात यह है कि इन स्मार्ट गेंदों में जो डेटा इकट्ठा होता है, उनकी मदद से मैच में दबाव की परिस्थिति वाला माहौल दोबारा बनाया जा सकता है. एआई की मदद से खिलाड़ी अब दबाव वाली स्थिति के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार कर पा रहे हैं. ऐसी भी खबर सामने आई है कि ऐसा एडवांस लेवल का सिस्टम भी बनाया जा चुका है, जो हर एक शॉट का अंदाजा पहले ही लगा सकता है.

इसका मतलब कहीं न कहीं यह है कि एआई ही तय कर लेगा कि मैच में क्या होगा और उसका परिणाम क्या रहेगा. यह बात किसी से छुपी नहीं है कि काफी लोगों के भीतर असुरक्षा का भाव है कि स्पोर्ट्स में एआई के आने से रोमांच कम हो जाएगा और सारा खेल कैलकुलेशन का रह जाएगा, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस डोमिनेट करेगा.

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