भारतीय टेस्ट टीम के उप-कप्तान अजिंक्ये रहाणे को टेस्ट स्पेशलिस्ट माना जाता है. लेकिन पिछले लंबे समय से वो अपनी फॉर्म को लेकर जूझ रहे हैं. विदेशी दौरों पर जिन रहाणे के बल्ले से खूब रन निकलते थे वो अब विदेशों में तो क्या घर में भी बड़ी पारियों के लिए तरस रहे हैं.

मुश्किल वक्त से गुज़र रहे अजिंक्य रहाणे ने शनिवार को यहां कहा कि उन्हें स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अपने प्रदर्शन में सुधार लाना होगा.

रहाणे ने 2016 में पिछली 48 पारियों में सिर्फ तीन शतक लगाये हैं और आठ अर्धशतक पारी खेली हैं. उन्हें भरोसा है कि वह अच्छी शुरूआत को बड़ा स्कोर में बदल सकते है.

रहाणे ने कहा, ‘‘मेरी तकनीक में कोई समस्या नहीं है इस लिए मैं थोड़ा चिंतित हूं. मुझे 30 और 40 रन की पारी को अर्धशतक और फिर शतक में बदलना होगा. कई बार ऐसा लगता है कि आप अच्छा खेल रहे हो लेकिन नतीजे आपके मुताबिक नहीं मिलते.’’

एकामरा खेल साहित्य महोत्सव के लिए यहां पहुंचे रहाणे ने कहा, ‘‘सभी खिलाड़ियों को ऐसा अनुभव होता है और इससे पार पाना होता है.’’

उन्होंने कहा कि वह स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अच्छा करना चाहेंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे स्पिन गेंदबाजी को ठीक तरीके से खेलने पर काम करना होगा. इसलिए मैं विजय हजारे जैसे घरेलू टूर्नामेंट में खेल रहा था.’’

ऑस्ट्रेलिया के आगामी दौरे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हम उस दौरे पर 10 दिन पहले जा रहे हैं और हमें सिडनी में अभ्यास मैच भी खेलना. हमारी गेंदबाजी आक्रमण भी मजबूत है.’’