एमएस धोनी का नाम आते ही दिमाग में कप्तानी, विकेटकीपिंग और मैच फिनिश करने की तस्वीर सामने आती है. उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए और अपने करियर में ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिनकी बराबरी करना आज भी आसान नहीं है. रांची के एक छोटे शहर से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट मंच तक पहुंचे धोनी ने करीब 15 साल के इंटरनेशनल करियर में अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने कप्तान के तौर पर भारत को बड़ी ट्रॉफियां दिलाईं और विकेट के पीछे भी कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जो लंबे समय तक याद किए जाएंगे.

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1. तीन ICC ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते कप्तान

धोनी दुनिया के इकलौते कप्तान हैं, जिन्होंने तीनों प्रमुख आईसीसी ट्रॉफियां जीती हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की.

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2. 332 इंटरनेशनल मैचों में कप्तानी

धोनी ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में कुल 332 मैचों में कप्तानी की. यह भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. उनके बाद सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग (324 मैच) ने की थी.

3. 195 इंटरनेशनल स्टंपिंग

विकेट के पीछे धोनी की फुर्ती का अंदाजा उनके 195 इंटरनेशनल स्टंपिंग से लगाया जा सकता है. सबसे ज्यादा स्टंपिंग का यह रिकॉर्ड आज भी उनके नाम है.

4. वनडे में 183 रन की पारी

2005 में श्रीलंका के खिलाफ धोनी ने जयपुर वनडे में नाबाद 183 रन बनाए थे. यह किसी भारतीय विकेटकीपर की सबसे यादगार वनडे पारियों में से एक है.

5. वनडे में 84 नाबाद पारियां

धोनी को दुनिया के सबसे बेहतरीन फिनिशरों में गिना जाता है. वनडे क्रिकेट में उनके नाम 84 नाबाद पारियां हैं. मुश्किल समय में अंत तक टिके रहना उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत थी.

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6. विकेटकीपर के तौर पर 829 शिकार

धोनी ने कैच और स्टंपिंग को मिलाकर इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 829 शिकार किए. इस मामले में वह दुनिया के सबसे सफल विकेटकीपर्स में शामिल हैं. इस मामले में दक्षिण अफ्रीका के मार्क बाउचर और ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट उनसे आगे हैं.

7. टेस्ट में भारत को नंबर-1 बनाया

धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में नंबर-1 रैंकिंग तक पहुंची. धोनी ऐसे पहले कप्तान थे, जिनके अंडर भारत टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंचा था.

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