क्रिकेट में खिलाड़ियों के लिए वर्ल्ड कप जीतना सबसे बड़े सपनों में से एक होता है. ऐसे में वनडे वर्ल्ड कप का खिताब भारत ने अब तक दो बार जीता है, लेकिन कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी भी रहे हैं जिन्होंने अपने लंबे और शानदार करियर में इस ट्रॉफी को उठाने का सपना देखा, मगर पूरा नहीं कर सके. इनमें सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे बड़े नाम शामिल हैं.
सौरव गांगुली
सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों और बेहतरीन वनडे बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने भारत की तरफ से तीन वर्ल्ड कप, 1999, 2003 और 2007 खेले. गांगुली के लिए सबसे करीब का मौका 2003 में आया. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था.
टीम ने टूर्नामेंट में पाकिस्तान, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी टीमों को हराया, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 125 रन से हार गई. इस हार के साथ गांगुली का वर्ल्ड कप जीतने का सपना भी अधूरा रह गया. तीन वर्ल्ड कप में गांगुली ने 22 मैचों में 1,066 रन बनाए और उनका औसत करीब 56 रहा. 2003 में उन्होंने तीन शतक भी लगाए थे.
राहुल द्रविड़
'द वॉल' के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ भी उन भारतीय दिग्गजों में शामिल हैं, जिनके शानदार करियर में वर्ल्ड कप ट्रॉफी की कमी रह गई. द्रविड़ ने 1999 से 2007 के बीच तीन वर्ल्ड कप खेले. 1999 के अपने पहले वर्ल्ड कप में उन्होंने बल्ले से जबरदस्त प्रदर्शन किया और सिर्फ आठ मैचों में 461 रन बनाकर टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उनके बल्ले से दो शतक और तीन अर्धशतक निकले थे.
2003 में भी द्रविड़ टीम इंडिया के अहम बल्लेबाज थे. उन्होंने 11 मैचों में 318 रन बनाए और भारत फाइनल तक पहुंचा. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में हार के कारण उनका भी वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा नहीं हो सका.
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मोहम्मद अजहरुद्दीन
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भारतीय क्रिकेट की कमान लंबे समय तक संभाली. वह तीन वर्ल्ड कप 1992, 1996 और 1999 में भारत के कप्तान रहे. हालांकि, इनमें से किसी भी टूर्नामेंट में वह टीम को खिताब नहीं दिला सके. 1992 में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी. 1996 में जरूर टीम सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला हार गई. 1999 में भी भारत सुपर सिक्स तक पहुंचा, लेकिन फाइनल में जगह नहीं बना सका.
अजहरुद्दीन ने अपने तीन वर्ल्ड कप में कुल 22 मैच खेले और 665 रन बनाए. उनका औसत 44.33 रहा. खुद अजहरुद्दीन ने भी बाद में माना था कि तीन वर्ल्ड कप में कप्तानी करने के बावजूद ट्रॉफी नहीं जीत पाना उनके करियर का एक अधूरा सपना रहा. इन तीनों खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को बहुत कुछ दिया, लेकिन वर्ल्ड कप ट्रॉफी उनके करियर की उन चुनिंदा चीजों में रही, जो उनकी पहुंच से दूर रह गई.
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