बीसीसीआई की वजह से जसप्रीत बुमराह को 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. दरअसल बोर्ड ने फरवरी में टीम इंडिया के सीनियर मेंस और विमेंस खिलाड़ियों के लिए सालाना कॉन्ट्रैक्ट (1 अक्टूबर, 2025 से 30 सितंबर, 2026 तक) जारी किया, जिसमें ए+ ग्रेड को खत्म करने का फैसला हुआ. ताजा अनुबंध में सिर्फ 3 खिलाड़ियों (बुमराह, जडेजा और शुभमन गिल) ग्रेड ए में रखा गया है, जो अब सबसे ऊपरी दर्जा है.

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जसप्रीत बुमराह पिछले अनुबंध में ए प्लस केटेगरी में थे, जिसके लिए उन्हें सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते थे. बता दें कि ए प्लस केटेगरी वाले खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़, ए केटेगरी वाले खिलाड़ियों को 5 करोड़, बी केटेगरी वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ और सी केटेगरी वाले खिलाड़ियों को 1 करोड़ रुपये मिलते हैं. हालांकि बीसीसीआई ने अभी स्पष्ट नहीं किया है कि ताजा अनुबंध में भी सैलरी यही रहेगी या इसमें बदलाव होना है.

अगर सैलरी यही रहती है तो जसप्रीत बुमराह को 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, क्योंकि पिछले अनुबंध में उनकी सैलरी 7 करोड़ रुपये थी. अब ए प्लस केटेगरी को हटा दिया गया है और बुमराह केटेगरी ए में आ गए हैं, तो उनकी सैलरी 5 करोड़ रुपये हो गई.

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विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा का डिमोशन समझ आता है, क्योंकि वह अब टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में नहीं खेलते. लेकिन जसप्रीत बुमराह तीनों फॉर्मेट में खेल रहे हैं, वह दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में शामिल हैं. तो सवाल है कि क्या बुमराह के साथ गलत हुआ है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई विचार कर रही है कि बुमराह के नुकसान की भरपाई किस तरह की जाए.

बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, 'बीसीसीआई इस बात पर विचार कर रहा है कि जसप्रीत बुमराह के नुकसान की भरपाई किस तरह से की जाए. ये सही है कि उनकी सैलरी 7 करोड़ से 5 करोड़ करना गलत होगा. कुछ और प्लेयर्स भी अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद एक ग्रेड नीचे चले गए हैं. कॉन्ट्रैक्ट के मूल्यांकन में बदलाव किया जा सकता है.' रिपोर्ट के अनुसार अक्षर पटेल के कॉन्ट्रैक्ट पर भी विचार किया जा सकता है, जिन्हे अब सी केटेगरी में रखा गया है.