भारत की बेटी हिमा दास ने वर्ल्ड अंडर -20 चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास बनाया है. लेकिन इस जीत के बाद भारतीय एथलेटिक्स संघ (AFI) हिमा दास की इंग्लिश पर गैरजरूरी टिप्पणी कर लोगों के निशाने पर आ गया.
हिमा के गोल्ड मेडल जीतने के बाद एएफआई ने ट्विटर पर उनका एक वीडियो डाला, जिसमें वह एक अंग्रेज पत्रकार से बात कर रही हैं. यह वीडियो टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जीतकर उनके फाइनल में जगह बनाने के बाद का है.
एएफआई ने वीडियो के साथ लिखा, ''टेम्पेरे के सेमीफाइनल में जीत के बाद मीडिया से बात करतीं हिमा दास. वह हालांकि धाराप्रवाह अंग्रेजी नहीं बोलतीं, उन्होंने यहां भी अपना सर्वश्रेष्ठ दिया. हिमा दास, आप पर हमें बहुत नाज है, ऐसे ही प्रदर्शन करती रहें और हां फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करें. ''
फैंस ने एएफआई की टिप्पणी को असंवेदनशील बताते हुई उसकी कड़ी आलोचना की. कुमार विश्वास ने इस ट्वीट पर आपत्ति दर्ज करवाते हुए केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर से एएफआई के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
वहीं व्यक्ति ने लिखा , ''वह (हिमा) टेम्पेरे में ट्रैक पर अपनी प्रतिभा दिखाने उतरी थीं नाकि अंग्रेजी में. आपने जो कहा , उसपर आपको शर्म आनी चाहिए.''
आलोचना के बाद एएफआई ने दी मांगी माफी
एफआई ने हिंदी में लिखे पोस्ट में कहा , ''सभी भारतवासियों से क्षमा , अगर हमारी एक ट्वीट से आप आहत हुए हैं ! असल उद्देश्य यह दर्शाना था कि हमारी धाविका किसी भी कठिनाई से नहीं घबराती , मैदान के अंदर या बाहर ! छोटे से गाँव से आने के बावजूद , विदेश में अंग्रेजी पत्रकार से बेझिझक बात की ! एक बार फिर उनसे क्षमा , जो नाराज हैं , जय हिन्द !''
बता दें कि नौगांव जिले के कांदुलिमारी गांव के किसान परिवार में जन्मी 18 साल की हिमा गुरुवार को फिनलैंड के टेम्पेर में आईएएएफ वर्ल्ड अंडर -20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देशवासियों की आंख का तारा बन गयी.
वह महिला और पुरूष दोनों कैटेगरी में ट्रैक स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय भी हैं. वह अब नीरज चोपड़ा के क्लब में शामिल हो गयी हैं जिन्होंने 2016 में पोलैंड में आईएएएफ वर्ल्ड अंडर -20 चैंपियनशिप में भाला फेंक (फील्ड स्पर्धा) में गोल्ड मेडल जीता था.
