भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए मंगलवार की रात बेहद निराशाजनक रही. एएफसी एशियन कप 2027 में जगह बनाने का भारत का सपना सिंगापुर ने तोड़ दिया. गोवा में खेले गए क्वालीफायर मुकाबले में भारत को सिंगापुर ने 2-1 से हराकर बाहर का रास्ता दिखा दिया. यह हार इसलिए भी ज्यादा चुभने वाली है क्योंकि सिंगापुर की फीफा रैंकिंग भारत से 24 स्थान नीचे है.

छांगटे ने दिलाई बढ़त, फिर बिगड़ा मैच का रुख

मैच की शुरुआत भारतीय टीम के लिए शानदार रही. 14वें मिनट में लालियानजुआला छांगटे ने लगभग 25 गज की दूरी से दागे गए शानदार लॉन्ग शॉट से गोल किया और भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी. शुरुआती आधे घंटे तक भारत ने सिंगापुर पर दबाव बनाए रखा था. मिडफील्ड में सुभाशीष बोस और सुनील छेत्री ने कई अच्छे मूव बनाए, लेकिन उन्हें गोल में नहीं बदल पाए.

भारतीय डिफेंस की गलती से मिला मौका

पहले हाफ के अंत में भारत की डिफेंस अचानक कमजोर पड़ गई. 42वें मिनट में सिंगापुर के कोरिया में जन्मे मिडफील्डर सोंग उई-यंग ने भारत के गोलपोस्ट के सामने एक गलती का फायदा उठाते हुए नीचा शॉट लगाया, जो सीधे नेट में जाकर लगा. जिसके चलते स्कोर 1-1 हुआ और दोनों टीमें हाफटाइम तक बराबरी पर रही.

दूसरे हाफ में टूटा सपना

दूसरे हाफ में भारत के कोच खलील जमील ने खिलाड़ियों में चेंज भी किया. उन्होंने लिस्टन कोलासो और सुनील छेत्री की जगह रहीम अली और उदांता सिंह को खेलने के लिए भेजा, लेकिन ये बदलाव टीम के पक्ष में असरदार साबित नहीं हुए. 58वें मिनट में सोंग उई-यंग ने अपना दूसरा गोल दागा, और सिंगापुर को 2-1 की बढ़त मिल गई.

भारत ने इसके बाद लगातार अटैक किए. उदांता सिंह और राहुल भेके ने दाएं फ्लैंक से शानदार मूव बनाए, मगर ब्रैंडन फर्नांडिस 90वें मिनट में आसान मौका गंवा बैठे. आखिरी सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी.

एशियन कप से बाहर हुई टीम

भारत के ग्रुप में सिंगापुर के साथ-साथ हांगकांग और बांग्लादेश की टीमें भी शामिल हैं. इस ग्रुप की विजेता टीम को ही सीधे एशियन कप का टिकट मिलेगा. फिलहाल हांगकांग और सिंगापुर आठ-आठ अंकों के साथ अंकतालिका में सबसे ऊपर हैं, जबकि भारत के खाते में चार मैचों के बाद सिर्फ दो ड्रॉ और दो हार हैं. अब भारत के पास दो मैच जरूर बाकी हैं, लेकिन क्वालीफाई करने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है.